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Constitution Day: रिजिजू बोले- क्षेत्रीय भाषाओं में होगा कानूनी सामग्री का अनुवाद, BCI ने किया समिति का गठन

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Constitution Day: रिजिजू बोले- क्षेत्रीय भाषाओं में होगा कानूनी सामग्री का अनुवाद, BCI ने किया समिति का गठन

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Union Law Minister Kiren Rijiju on ConstitutionDay2022

Union Law Minister Kiren Rijiju on ConstitutionDay2022
– फोटो : ANI

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संविधान दिवस के मौके पर आज केंद्रीय कानून व न्याय मंत्री किरण रिजिजू ने बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप कानूनी सामग्री का अनुवाद देश की क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा। इसके लिए मंत्रालय के सहयोग से बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने पूर्व सीजेआई एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है। 

जस्टिस बोबडे की अध्यक्षता वाली समिति क्षेत्रीय भाषाओं में कानूनी सामग्री का अनुवाद करेगी और सभी भारतीय भाषाओं के लिए एक सामान्य कानूनी शब्दावली बनाएगी। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि विधायी विभाग ने 65,000 कानून के शब्दों वाली एक शब्दावली तैयार की है। हमारी योजना इसे डिजिटाइज करने की है, ताकि जनता उसका आसानी से इस्तेमाल कर सके। क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित कानूनी शब्दावलियों को एकत्र, डिजिटाइज करने और जनता के लिए उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। 

रिजिजू ने कहा कि पीएम मोदी ने कई मौकों पर कहा है कि अदालतों में स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि देश के न्यायिक तंत्र में आम लोगों का विश्वास बढ़े और वे इससे जुड़ाव महसूस करे। बोबडे समिति पहले कदम के रूप में क्षेत्रीय भाषाओं में कानूनी सामग्री का अनुवाद करने के लिए सभी भारतीय भाषाओं की एक सामान्य आधारभूत कानूनी शब्दावली तैयार करेगी। इसमें  कानून की विभिन्न शाखाओं में अक्सर उपयोग किए जाने वाले शब्दों और वाक्यांशों को सूचीबद्ध किया जाएगा। 

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संविधान दिवस के मौके पर आज केंद्रीय कानून व न्याय मंत्री किरण रिजिजू ने बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप कानूनी सामग्री का अनुवाद देश की क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा। इसके लिए मंत्रालय के सहयोग से बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने पूर्व सीजेआई एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है। 

जस्टिस बोबडे की अध्यक्षता वाली समिति क्षेत्रीय भाषाओं में कानूनी सामग्री का अनुवाद करेगी और सभी भारतीय भाषाओं के लिए एक सामान्य कानूनी शब्दावली बनाएगी। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि विधायी विभाग ने 65,000 कानून के शब्दों वाली एक शब्दावली तैयार की है। हमारी योजना इसे डिजिटाइज करने की है, ताकि जनता उसका आसानी से इस्तेमाल कर सके। क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित कानूनी शब्दावलियों को एकत्र, डिजिटाइज करने और जनता के लिए उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। 

रिजिजू ने कहा कि पीएम मोदी ने कई मौकों पर कहा है कि अदालतों में स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि देश के न्यायिक तंत्र में आम लोगों का विश्वास बढ़े और वे इससे जुड़ाव महसूस करे। बोबडे समिति पहले कदम के रूप में क्षेत्रीय भाषाओं में कानूनी सामग्री का अनुवाद करने के लिए सभी भारतीय भाषाओं की एक सामान्य आधारभूत कानूनी शब्दावली तैयार करेगी। इसमें  कानून की विभिन्न शाखाओं में अक्सर उपयोग किए जाने वाले शब्दों और वाक्यांशों को सूचीबद्ध किया जाएगा। 



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