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Gujarat Election 2022- Dahod
– फोटो : Amar Ujala
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गुजरात राज्य का आदिवासी बहुल क्षेत्र दाहोद इस विधानसभा चुनाव में शांत नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि रहे इस क्षेत्र पर कब्जा पाने के लिए भाजपा पूरी ताकत के साथ मैदान में जुटी हुई है। कांग्रेस के इस किले को भेदने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी भी चार माह में दो बार सभा कर चुके हैं। हालांकि इन चुनावों में सभी छह सीटों पर भाजपा को अपनी राह आसान नजर आ रही है। क्योंकि कांग्रेस अंतर्कलह से जुझने के साथ ही बागियों के मैदान में उतरने से परेशान है।
दाहोद पर 15 साल से कांग्रेस का कब्जा
जिले की छह सीटों में सबसे अहम सीट दाहोद पर 15 साल से कांग्रेस का कब्जा है। शहरी आबादी वाली इस सीट को केंद्र सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी में इसे शामिल किया है। पूरे प्रदेश में यह शहर चुनिंदा उन शहरों में शामिल है जहां पीएम मोदी की सीधी नजर है। पीएम मोदी जब प्रचारक थे, तब उनका क्षेत्र दाहोद और इसके आसपास के क्षेत्र ही थे। भाजपा ने इस सीट से कन्हैयालाल किशोरी को मैदान में उतारा है। 2017 के चुनावों में किशेारी बहुत कम अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार हारे गए थे। कांग्रेस ने इस बार जिला प्रमुख हर्षद निनामा को मैदान में उतारा है। शहरी क्षेत्र में भाजपा की अच्छी पैठ है। जबकि कांग्रेस को चुनावों में ग्रामीण आबादी से उम्मीद है।
गरबाड़ा सीट पर कांग्रेस का नुकसान करेगी आप
इसी तरह गरबाड़ा सीट भी कांग्रेस का गढ़ कही जाती है। यहां पिछले 10 साल से कांग्रेस का शासन है। इस सीट से कांग्रेस की चंद्रिकाबेन बारीया विधायक हैं। आदिवासी बहुल इस सीट पर बारीया का दबदबा है। वे क्षेत्र की दबंग नेता के तौर पर जानी जाती हैं। यहां पेयजल, सड़क व साफ-सफाई की समस्या को लेकर लोगों में असंतोष है। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या सिंचाई का पानी है, जिससे किसान परेशान हैं। युवाओं के लिए रोजगार भी एक सवाल है। स्थानीय स्तर पर कोई बड़ा उद्योग ना होने के कारण लोगों को रोजगार और आजीविका के लिए अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ता है। 2017 में गरबाडा से कांग्रेस के बारीया चंद्रीकाबेन छगनभाई ने 64 हजार वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। वहीं भाजपा के भाभोर महेंद्रभाई रमेशभाई को 48 हजार वोट मिले थे। इस बार भी हारे हुए उम्मीदवार भामोर महेंद्रभाई को ही मौका दिया है। हालांकि इस चुनाव में भाजपा की राह आसान नजर आ रही है। क्योंकि कांग्रेस नेता शैलेष भामौर आम आदमी पार्टी के टिकट से मैदान में उतरे हैं। शैलेष की भी क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। ऐसे में कांग्रेस का नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है।
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