Home Sports IND vs NZ: एक कमजोरी टीम इंडिया पर बार-बार पड़ रही भारी, दूसरे वनडे में दोहराई तो हाथ से फिसल जाएगी सीरीज

IND vs NZ: एक कमजोरी टीम इंडिया पर बार-बार पड़ रही भारी, दूसरे वनडे में दोहराई तो हाथ से फिसल जाएगी सीरीज

0
IND vs NZ: एक कमजोरी टीम इंडिया पर बार-बार पड़ रही भारी, दूसरे वनडे में दोहराई तो हाथ से फिसल जाएगी सीरीज

[ad_1]

हाइलाइट्स

भारत-न्यूजीलैंड के बीच हैमिल्टन में खेला जाएगा दूसरा वनडे
एक कमजोरी टीम इंडिया के लगातार परेशानी का कारण बन रही
ऑकलैंड वनडे में तीनों तेज गेंदबाज काफी महंगे साबित हुए थे

नई दिल्ली. भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन वनडे की सीरीज का दूसरा मुकाबला 27 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा. ऑकलैंड में हुआ पहला वनडे हारने के बाद टीम इंडिया सीरीज में पिछड़ गई है. दूसरा वनडे हारी तो सीरीज तो हाथ से फिसल ही जाएगी और न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत लगातार छठा वनडे हार जाएगा. रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल राहुल की गैरहाजिरी में पिछले वनडे में शिखर धवन और शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी की थी. वहीं, मिडिल ऑर्डर में श्रेयस अय्यर ने भी अच्छी पारी खेली थी. लेकिन, गेंदबाजी अच्छी नहीं हुई और टीम इंडिया 306 रन के टारगेट का बचाव भी नहीं कर पाई. यह कोई पहला मौका नहीं था, जब खराब गेंदबाजी के कारण भारत को अच्छा स्कोर बनाने के बावजूद मैच गंवाना पड़ा.

न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में एक बार फिर टीम इंडिया पर पुरानी कमजोरी भारी पड़ी. ऑकलैंड वनडे में टीम इंडिया सिर्फ पांच गेंदबाज के साथ खेली. इस वनडे में जो टॉप-6 बल्लेबाज खेले, उसमें से एक ने भी गेंदबाजी नहीं की. भारत पांच गेंदबाजों के साथ उतरा और वॉशिंगटन सुंदर को छोड़कर बाकी चारों गेंदबाज महंगे साबित हुए. हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा इस सीरीज में नहीं खेल रहे हैं. ऐसे में भारत के पास इस मैच में छठे गेंदबाज का विकल्प था नहीं हैं.

ऐसे में शुरुआती ओवरों में महंगा साबित होने के बावजूद कप्तान शिखऱ धवन के पास युजवेंद्र चहल, अर्शदीप सिंह और शार्दुल ठाकुर से गेंदबाजी कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. यानी छठा गेंदबाज नहीं होने का टीम को खामियाजा उठाना पड़ा. सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी में भी इसका असर नजर आया. निचले क्रम में पंड्या, जडेजा की गैरमौजूदगी के कारण भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में अच्छी शुरुआत के बावजूद 306 रन बना पाया.

ऑकलैंड में भारत को छठे गेंदबाज की कमी खली थी 
अब भारत को हैमिल्टन वनडे से पहले अपनी इस कमजोरी का हल ढूंढना होगा और फिलहाल, भारत की यह परेशानी दीपक हुडा ही दूर कर सकते हैं. हैमिल्टन वनडे में टीम इंडिया उन्हें प्लेइंग-XI में मौका दे सकती है. दीपक ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में भारत की जीत में गेंद से अहम रोल निभाया था. उन्होंने मैच में 2.5 ओवर गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट लिए थे. उन्होंने बारिश के कारण टाई हुए तीसरे टी20 में भी एक ओवर फेंका था और उसमें 3 रन ही दिए थे.

दीपक हुडा हो सकते हैं विकल्प
ऐसे में किसी एक गेंदबाज का दिन अगर खराब होता है, जैसा कि पिछले वनडे में हुआ था, तो कप्तान छठे गेंदबाज के विकल्प के रूप में हुडा से गेंदबाजी करा सकते हैं. हालांकि, उस सूरत में भारत को एक बल्लेबाज कम करना होगा और कप्तान धवन और कोच वीवीएस लक्ष्मण के लिए उस एक बल्लेबाज का चुनाव करना आसान नहीं होगा.

Ind vs NZ: पंत और सैमसन नहीं होंगे बाहर, जाफर ने बताया किन 2 बदलाव के साथ उतर सकता है भारत

IND vs NZ Match Preview: करो या मरो मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों को करना होगा बेखौफ प्रदर्शन

ऑकलैंड में तीनों तेज गेंदबाज महंगे साबित हुए थे
ऑकलैंड में हुए पहले वनडे में अर्शदीप सिंह ने 8.1 ओवर में 68 रन लुटाए थे. शार्दुल ठाकुर ने 9 ओवर में भले 1 मेडन फेंका. लेकिन, उन्होंने भी 63 रन दिए थे. युजवेंद्र चहल ने अपने कोटे के 10 ओवर में 67 और उमरान मलिक ने 66 रन लुटाए. ऐसे में अगर दूसरे वनडे में भी एक भी गेंदबाज का दिन अगर खराब हुआ तो फिर पुरानी कमजोरी टीम इंडिया पर भारी पड़ सकती है. इसलिए भारतीय टीम मैनेजमेंट को इस मैच में छठे गेंदबाज के साथ उतरना होगा.

Tags: Deepak Hooda, Hardik Pandya, India vs new zealand, Sanju Samson, Shikhar dhawan, Umran Malik

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here