Home Breaking News आज का शब्द: जिह्वा और हरिवंशराय बच्चन की कविता- मैं हूँ उनके साथ,खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़

आज का शब्द: जिह्वा और हरिवंशराय बच्चन की कविता- मैं हूँ उनके साथ,खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़

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आज का शब्द: जिह्वा और हरिवंशराय बच्चन की कविता- मैं हूँ उनके साथ,खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़

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                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- जिह्वा, जिसका अर्थ है जीभ, जबान। प्रस्तुत है हरिवंशराय बच्चन की कविता-  मैं हूँ उनके साथ,खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़
                                                                                                
                                                     
                            

मैं हूँ उनके साथ,खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़

कभी नही जो तज सकते हैं, अपना न्यायोचित अधिकार
कभी नही जो सह सकते हैं, शीश नवाकर अत्याचार
एक अकेले हों, या उनके साथ खड़ी हो भारी भीड़
मैं हूँ उनके साथ, खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़

निर्भय होकर घोषित करते, जो अपने उदगार विचार
जिनकी जिह्वा पर होता है, उनके अंतर का अंगार
नहीं जिन्हें, चुप कर सकती है, आतताइयों की शमशीर
मैं हूँ उनके साथ, खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़

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2 hours ago

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