[ad_1]
रूस-यूक्रेन क्यों लड़ रहे हैं: यूक्रेन और रूस के बीच पिछले 9 महीने से जुकाम से जंग चल रही है। रूस जहां मिसाइल और मिसाइलों से यूक्रेन के संबंध तय कर रहा है। वहीं यूक्रेन की सेना भी टूटी हुई सेना को मुंह तोड़ जवाब दे रही हैं। यूक्रेन रूस के सैनिकों का मनोबल तोड़ने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन सरकार की ”सरेंडर हॉटलाइन” से रूस के सैनिकों को हर दिन 100 कॉल आ रहे हैं। यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा, ‘मैं जीना चाहता हूं प्रोजेक्ट चल रहा है’। रूस के सैनिक मैसेजिंग ऐप के लिए माध्यम से जानकारी देकर या फिर हॉटलाइन पर नंबर डायल कर यूक्रेन के सामने सरेंडर कर सकते हैं।’
अधिकारियों ने कहा कि उनके पास काम करने वाले कर्मचारी और उनके एब्स से 3,500 से अधिक संपर्क हैं। बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर सैकड़ों सैकड़ों रूसी पुरुषों को संगठित करने और खेरसॉन शहर को मुक्त करने के बाद भी ऐसा ही हुआ है। छोड़ा गया है।
रूस की सेना से अक्सर बातचीत करने वाले यूक्रेन के एक कॉल होल्डर श्वेतलाना ने कहा कि जो सैनिक सरेंडर करना चाहते हैं, वे इसके बारे में फोन या फिर टेलीग्राम या व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग पर बता सकते हैं। शाम को अधिकतर सैनिक खाली रहते हैं तो वे चुपके से कॉल कर सकते हैं। उन्होंने बीबीसी को बताया, सबसे पहले हमें एक आवाज़ सुनाई देती है, जिसमें पुरुष बातें करते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने आगे बताया, वह अक्सर आंशिक रूप से निराश, निराश होते हैं, क्योंकि वे पूरी तरह से नहीं समझते हैं कि हॉटलाइन कैसे काम करती है। हालांकि, कॉल होल्डर ने यह नहीं बताया कि वह कितने रूसियों की मदद की या प्रक्रिया कैसे होती है। उन्होंने बीबीसी को बताया कि आगे दिए गए निर्देशों के अनुसार पहले उन्हें बस अपने शेयर करने के लिए कहा गया है।
इंस्टीट्यूशन फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के मुताबिक, रूस घरेलू आलोचनाओं को शांत करने से भारी जंग के बंदिशों की अदला-बदली कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, रूस और यूक्रेन के पास एक-दूसरे के हजारों कैदी हैं, लेकिन सही आंकड़े की पुष्टि नहीं हुई है।
लेखों की पहली पसंद Zeenews.com/hindi – अब किसी और की पहचान नहीं
.
[ad_2]
Source link