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Gujarat Exit Poll: भाजपा के इस किले में सेंध लगा सकती है आप, डायमंड सिटी में बदल सकते है समीकरण

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Gujarat Exit Poll: भाजपा के इस किले में सेंध लगा सकती है आप, डायमंड सिटी में बदल सकते है समीकरण

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गुजरात चुनाव 2022

गुजरात चुनाव 2022
– फोटो : अमर उजाला

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गुजरात विधानसभा चुनाव के दो चरणों का मतदान खत्म हो गया हैं। पहले चरण में जहां 63.31 प्रतिशत मतदान हुआ हैं। वहीं दूसरी चरण में शाम पांच बजे तक लगभग 58.68 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। एग्जिट पोल के मुताबिक, गुजरात में फिर से भाजपा पर सत्ता पर काबिज होते दिखाई दे रही है। जबकि प्रदेश के चुनावी मैदान में पहली बार उतरी आम आदमी पार्टी को निराशा हाथ लग रही है। वहीं कांग्रेस पार्टी को 2017 के विधानसभा चुनाव की तुलना में कम सीटें मिलती हुई दिख रही है।

प्रदेश का सबसे अहम शहर सूरत जहां भाजपा का कब्जा है। पिछले दो चुनावों से जिले की सभी 16 सीटों पर भाजपा का दबदबा रहता है। लेकिन इस बार पांच सीटों पर भाजपा और आम आदमी पार्टी की सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। जिले की वराछा रोड, कतारगाम, ओलपाड, करंज और कामरेज सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही हैं। एग्जिट पोल के मुताबिक यहां आम आदमी पार्टी भाजपा से आगे है। जबकि शहर की मजूरा, सूरत पश्चिम, बारडोली, लिंबायत, चौर्यासी, उधना,मांगरोल और सूरत उत्तर,सूरत पूर्व सीट पर भाजपा की जीत की संभावना है। वहीं ग्रामीण इलाके की सीट महूआ और मांडवी पर कांग्रेस आगे दिख रही है।

2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों की बात करे तो 2012 में 70 प्रतिशत मतदान हुआ था। लेकिन 2017 में यह घटकर 66.65 प्रतिशत पहुंच गया है। जबकि यही मतदान प्रतिशत 2002 में 61 फीसदी तक पहुंच गया था। हर बार कम होते 4 से 5 फीसदी मतदान प्रतिशत ने भाजपा कांग्रेस की चिंता को बढ़ा दिया है। भाजपा जहां अपना गढ़ बचाने की जुगत में लगी हुई है। जबकि कांग्रेस को अपनी मौजूदगी दर्ज करवाना है। विधानसभा चुनाव 2022 में सूरत की सभी पाटीदार बाहुल्य छह सीटों पर मतदान का प्रतिशत बहुत कम रहा है।

पिछले चुनाव में कम मतदान के कारण भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा था। 2017 में पाटीदार बाहुल्य सूरत की तीन विधानसभा सीट वराछा रोड, कामरेज और करंज में कम मतदान के कारण भाजपा उम्मीदवारों के जीत का अंतर बहुत कम हो गया था। इसके अलावा सूरत उत्तर सीट जो भाजपा को गढ़ माना जाता है वहां भी पार्टी की लीड 2012 के मुकाबले कम हो गई थी। इस बार पिछले चुनाव से भी कम मतदान हुआ है। यह शहर में नए समीकरण को जन्म दे सकते है। आप की ताकत माने जाने वाली पाटीदार बाहुल्य सीट पर भी वोटिंग कम हुई है।

आप ने बिगाड़ दिया भाजपा का खेल
2017 के चुनाव में सूरत में सीधी लड़ाई कांग्रेस और बीजेपी की थी, लेकिन आम आदमी पार्टी की एंट्री ने इस बार मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। हालांकि लोगों का मानना है कि कांग्रेस इस बार लड़ाई में नहीं है। अरविंद केजरीवाल की पार्टी की एंट्री से बीजेपी को ही फायदा होगा। कांग्रेस का वोट बैंक आप में शिफ्ट होगा। पांच सीटों पर आप की कड़ी टक्कर भाजपा से है। वराछा, कतारगाम, करंज, ओलपाड़ और कामरेज पाटीदार बहुल सीट है। अरविंद केजरीवाल का फोकस सूरत की इन सीटों पर इसलिए ज्यादा है क्योंकि इन्हीं क्षेत्रों से आप के निगम चुनाव में 27 पार्षद चुनकर आए थे। इसी के दम पर अब पार्टी विधानसभा चुनाव में उतरी है। आम आदमी पार्टी ने यहां एक साल में 20 से ज्यादा सभाएं की है।

यह कहता है गुजरात का एग्जिट पोल
गुजरात में दो चरणों में मतदान हुआ है। इनमें से पहले चरण में 19 जिलों की 89 और दूसरे चरण में गुजरात के 14 जिलों की 93 सीटों पर आज दूसरे चरण का मतदान हुआ है। इस तरह कुल 182 सीटों पर मतदान हुआ है। वहीं, पहले चरण में लगभग 63.31 प्रतिशत मतदान हुआ था। राज्य में बहुमत की सरकार बनाने के लिए 92 सीटों की जरूरत होगी।  रिपब्लिक पी-मारक्यू ने सर्वे के बाद अपने एग्जिट पोल में दावा किया है कि गुजरात में भाजपा को 128 से 148 सीटें और कांग्रेस को 30 से 42 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, यहां आम आदमी पार्टी को दो से 10 सीटें ही मिलने की उम्मीद है। वहीं अन्य को तीन सीट मिल सकती है। न्यूज 18 न्यूज एक्स के एग्जिट पोल में भाजपा को 132, कांग्रेस ने 38, आप 07 और अन्य के खाते में 05 सीटें जाती दिख रही हैं। वहीं, जन की बात ने अपने एग्जिट पोल में दावा किया है कि गुजरात में भाजपा 117 से 140 सीटें जीत सकती है।वहीं, कांग्रेस को वहां 35  से 51 सीटें मिल सकती है। वहीं, यहां आम आदमी पार्टी को 6 से 13 सीटें मिल सकती हैं।

विस्तार

गुजरात विधानसभा चुनाव के दो चरणों का मतदान खत्म हो गया हैं। पहले चरण में जहां 63.31 प्रतिशत मतदान हुआ हैं। वहीं दूसरी चरण में शाम पांच बजे तक लगभग 58.68 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। एग्जिट पोल के मुताबिक, गुजरात में फिर से भाजपा पर सत्ता पर काबिज होते दिखाई दे रही है। जबकि प्रदेश के चुनावी मैदान में पहली बार उतरी आम आदमी पार्टी को निराशा हाथ लग रही है। वहीं कांग्रेस पार्टी को 2017 के विधानसभा चुनाव की तुलना में कम सीटें मिलती हुई दिख रही है।

प्रदेश का सबसे अहम शहर सूरत जहां भाजपा का कब्जा है। पिछले दो चुनावों से जिले की सभी 16 सीटों पर भाजपा का दबदबा रहता है। लेकिन इस बार पांच सीटों पर भाजपा और आम आदमी पार्टी की सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। जिले की वराछा रोड, कतारगाम, ओलपाड, करंज और कामरेज सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही हैं। एग्जिट पोल के मुताबिक यहां आम आदमी पार्टी भाजपा से आगे है। जबकि शहर की मजूरा, सूरत पश्चिम, बारडोली, लिंबायत, चौर्यासी, उधना,मांगरोल और सूरत उत्तर,सूरत पूर्व सीट पर भाजपा की जीत की संभावना है। वहीं ग्रामीण इलाके की सीट महूआ और मांडवी पर कांग्रेस आगे दिख रही है।

2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों की बात करे तो 2012 में 70 प्रतिशत मतदान हुआ था। लेकिन 2017 में यह घटकर 66.65 प्रतिशत पहुंच गया है। जबकि यही मतदान प्रतिशत 2002 में 61 फीसदी तक पहुंच गया था। हर बार कम होते 4 से 5 फीसदी मतदान प्रतिशत ने भाजपा कांग्रेस की चिंता को बढ़ा दिया है। भाजपा जहां अपना गढ़ बचाने की जुगत में लगी हुई है। जबकि कांग्रेस को अपनी मौजूदगी दर्ज करवाना है। विधानसभा चुनाव 2022 में सूरत की सभी पाटीदार बाहुल्य छह सीटों पर मतदान का प्रतिशत बहुत कम रहा है।

पिछले चुनाव में कम मतदान के कारण भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा था। 2017 में पाटीदार बाहुल्य सूरत की तीन विधानसभा सीट वराछा रोड, कामरेज और करंज में कम मतदान के कारण भाजपा उम्मीदवारों के जीत का अंतर बहुत कम हो गया था। इसके अलावा सूरत उत्तर सीट जो भाजपा को गढ़ माना जाता है वहां भी पार्टी की लीड 2012 के मुकाबले कम हो गई थी। इस बार पिछले चुनाव से भी कम मतदान हुआ है। यह शहर में नए समीकरण को जन्म दे सकते है। आप की ताकत माने जाने वाली पाटीदार बाहुल्य सीट पर भी वोटिंग कम हुई है।

आप ने बिगाड़ दिया भाजपा का खेल

2017 के चुनाव में सूरत में सीधी लड़ाई कांग्रेस और बीजेपी की थी, लेकिन आम आदमी पार्टी की एंट्री ने इस बार मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। हालांकि लोगों का मानना है कि कांग्रेस इस बार लड़ाई में नहीं है। अरविंद केजरीवाल की पार्टी की एंट्री से बीजेपी को ही फायदा होगा। कांग्रेस का वोट बैंक आप में शिफ्ट होगा। पांच सीटों पर आप की कड़ी टक्कर भाजपा से है। वराछा, कतारगाम, करंज, ओलपाड़ और कामरेज पाटीदार बहुल सीट है। अरविंद केजरीवाल का फोकस सूरत की इन सीटों पर इसलिए ज्यादा है क्योंकि इन्हीं क्षेत्रों से आप के निगम चुनाव में 27 पार्षद चुनकर आए थे। इसी के दम पर अब पार्टी विधानसभा चुनाव में उतरी है। आम आदमी पार्टी ने यहां एक साल में 20 से ज्यादा सभाएं की है।

यह कहता है गुजरात का एग्जिट पोल

गुजरात में दो चरणों में मतदान हुआ है। इनमें से पहले चरण में 19 जिलों की 89 और दूसरे चरण में गुजरात के 14 जिलों की 93 सीटों पर आज दूसरे चरण का मतदान हुआ है। इस तरह कुल 182 सीटों पर मतदान हुआ है। वहीं, पहले चरण में लगभग 63.31 प्रतिशत मतदान हुआ था। राज्य में बहुमत की सरकार बनाने के लिए 92 सीटों की जरूरत होगी।  रिपब्लिक पी-मारक्यू ने सर्वे के बाद अपने एग्जिट पोल में दावा किया है कि गुजरात में भाजपा को 128 से 148 सीटें और कांग्रेस को 30 से 42 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, यहां आम आदमी पार्टी को दो से 10 सीटें ही मिलने की उम्मीद है। वहीं अन्य को तीन सीट मिल सकती है। न्यूज 18 न्यूज एक्स के एग्जिट पोल में भाजपा को 132, कांग्रेस ने 38, आप 07 और अन्य के खाते में 05 सीटें जाती दिख रही हैं। वहीं, जन की बात ने अपने एग्जिट पोल में दावा किया है कि गुजरात में भाजपा 117 से 140 सीटें जीत सकती है।वहीं, कांग्रेस को वहां 35  से 51 सीटें मिल सकती है। वहीं, यहां आम आदमी पार्टी को 6 से 13 सीटें मिल सकती हैं।



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