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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान।
– फोटो : ANI
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) कमर जावेद बाजवा पर उनकी सरकार के खिलाफ ‘‘दोहरा खेल’’ खेलने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने 2019 में तत्कालीन सेना प्रमुख के कार्यकाल को बढ़ाकर ‘‘बड़ी गलती’’ की थी। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष खान ने एक स्थानीय टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में यह टिप्पणियां कीं। उन्होंने तत्कालीन सेना प्रमुख बाजवा पर भरोसा करने के लिए खेद भी जताया।
इस साल अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से बेदखल किए गए 70 वर्षीय खान ने कहा कि मैं जनरल बाजवा की हर बात पर विश्वास करता था, क्योंकि हमारे हित एक ही थे कि हमें देश को बचाना था। खान ने यह भी दावा किया कि उन्हें खुफिया ब्यूरो (आईबी) से रिपोर्ट मिली थी कि उनकी सरकार के खिलाफ क्या खेल खेला जा रहा है।
उन्होंने दावा कि तत्कालीन सैन्य प्रतिष्ठान उनकी सरकार को गिराने के लिए पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सुप्रीमो नवाज शरीफ के संपर्क में थे और अक्तूबर 2021 में आईएसआई प्रमुख के पद से लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) फैज हमीद को हटाने के बाद उनके खिलाफ साजिश का पर्दाफाश हो गया था।
जनरल बाजवा दोहरा खेल, खेल रहे थे: इमरान
पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि जनरल बाजवा दोहरा खेल, खेल रहे थे और मुझे बाद में यह पता चला कि पीटीआई सदस्यों तक को अलग संदेश दिए जा रहे थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री खान द्वारा 2019 में तीन साल का विस्तार पाने के बाद 61 वर्षीय जनरल बाजवा 29 नवंबर को सेवानिवृत्त हुए हैं। नवाज शरीफ, जो बाजवा के सेना प्रमुख बनने पर जेल भेज दिए गए थे, उन्होंने भी कई मौकों पर सार्वजनिक रैलियों में उनका नाम लेकर उनकी आलोचना की थी।
पिछले हफ्ते अपने विदाई भाषण में जनरल बाजवा ने कहा था कि मेरा मानना है कि सैन्य प्रतिष्ठान को ”अराजनीतिक” रखने का उनका फैसला तख्तापलट की आशंका वाले पाकिस्तान में राजनीतिक उतार-चढ़ाव के प्रभाव से सेना की रक्षा करेगा और सेना की शान में इजाफा करेगा।
पीएम शहबाज शरीफ ने इमरान पर साधा निशाना
खान की ये टिप्पणियां तब आई हैं, जब पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कैद-ए-आजम (पीएमएल-क्यू) के मुनिश ईलाही ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा कि बाजवा ने उनसे अविश्वास प्रस्ताव पर खान के लिए वोट करने के लिए कहा था। इस बीच, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को खान पर निशाना साधा कि वह सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, चाहे इसका नतीजा देश की नींव को कमजोर करना ही क्यों न हो।
साक्षात्कार के दौरान खान ने यह भी कहा कि यदि सरकार मार्च के अंत तक चुनाव के लिए तैयार है, तो उनकी पार्टी विधानसभाओं को भंग नहीं करेगी। अन्यथा, हम खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब विधानसभाओं को भंग कर चुनाव कराना चाहते हैं। बता दें कि पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने खान, संसद में अविश्वास मत से बेदखल होने वाले एकमात्र पाकिस्तानी प्रधानमंत्री हैं।
उन्होंने आरोप लगाया था कि रूस, चीन और अफगानिस्तान पर उनकी स्वतंत्र विदेश नीति के निर्णयों के कारण उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव अमेरिकी नेतृत्व की साजिश का हिस्सा था। हालांकि, अमेरिका ने आरोपों से इनकार किया था।
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