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Exit Poll: कांग्रेस के लिए एग्जिट पोल के क्या मायने, क्या राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का असर भी नहीं हुआ?

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Exit Poll: कांग्रेस के लिए एग्जिट पोल के क्या मायने, क्या राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का असर भी नहीं हुआ?

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गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ-साथ दिल्ली एमसीडी का चुनाव संपन्न हो चुका है। एमसीडी के नतीजे कल यानी सात दिसंबर को घोषित हो जाएंगे, जबकि गुजरात और हिमाचल प्रदेश का परिणाम आठ दिसंबर को जारी होगा। 

इसके पहले सोमवार को तमाम एजेंसियों ने एग्जिट पोल के आंकड़े जारी कर दिए। इसमें अनुमान लगाया गया है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सत्ता बरकरार रहेगी, जबकि दिल्ली एमसीडी में अब आम आदमी पार्टी का राज होगा। इन तीनों राज्यों के एग्जिट पोल के आंकड़े भाजपा और आम आदमी पार्टी को तो राहत देते हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए खतरे की आहट साबित होने लगी है। गुजरात विधानसभा और दिल्ली एमसीडी चुनाव में सबसे ज्यादा अगर किसी पार्टी को नुकसान हुआ है तो वह कांग्रेस का है। हिमाचल में जरूर कांग्रेस ने मजबूती से फाइट की, लेकिन एग्जिट पोल के आंकड़े बताते हैं कि यहां भी भाजपा का राज कायम रहेगा। 

 

ऐसे नतीजे तब आ रहे हैं, जब कांग्रेस के सबसे दिग्गज नेता राहुल गांधी 12 राज्यों से होते हुए 3,500 किलोमीटर से ज्यादा का पैदल सफर कर रहे हैं। इसके जरिए वह न सिर्फ पार्टी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, बल्कि नए लोगों को भी जोड़ने में जुटे हैं। यही कारण है कि अब कांग्रेस पर सवाल उठने लगा है। आखिर इतनी मेहनत के बावजूद कांग्रेस कहां चूक कर रही है? क्यों नहीं चुनावों में लोग कांग्रेस को वोट कर रहे हैं? एक-एक करके हर राज्य में कांग्रेस क्यों कमजोर हो रही है? आइए समझते हैं… 

पहले जानिए तीनों राज्यों तीनों राज्यों के एग्जिट पोल क्या कहते हैं? 

गुजरात : गुजरात को लेकर नौ एजेंसियों ने सर्वे किया था। सभी का अनुमान है कि भारतीय जनता पार्टी की सत्ता सूबे में बरकरार रहेगी। भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। यही नहीं, पिछली बार के मुकाबले इस बार सीटों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। सभी सर्वे की बात करें तो किसी भी सर्वे ने भाजपा को 110 से कम सीट नहीं दी है। ये आंकड़ा अधिकतम 151 तक जा रहा है। ऐसा होता है तो गुजरात के चुनावी इतिहास में ये नया रिकॉर्ड होगा। 

 वहीं, इस बार पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी को कुछ खास फायदा होता नहीं दिख रहा है। एग्जिट पोल के आंकड़े कहते हैं कि अभी गुजरात में मुख्य लड़ाई कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है। 2017 के मुकाबले इस बार कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। गुजरात में पिछले 27 साल से भाजपा का राज है और कांग्रेस हर बार दूसरे नंबर पर ही रहती है। अगर इस बार के एग्जिट पोल के आंकड़े सही साबित हुए तो कांग्रेस को काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

 

हिमाचल प्रदेश : यहां कांग्रेस और सत्ताधारी पार्टी भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। नौ में से छह सर्वे ने अनुमान लगाया है कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा दोबारा सरकार बनाने जा रही है। तीन सर्वे में मुकाबला बेहद कांटे का बताया गया है। आजतक एक्सिस माय इंडिया ने कांग्रेस की सत्ता में वापसी का अनुमान लगाया है। 68 विधानसभा सीटों वाले हिमाचल में बहुमत के लिए 35 सीटों की जरूरत पड़ती है। आजतक एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में कांग्रेस को 30 से 40 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। भाजपा को 24 से 34 सीटें मिल सकती हैं। मतलब अगर एग्जिट पोल के ओवरऑल आंकड़े देखें तो भाजपा की जीत तय है। ऐसे में इस राज्य में भी कांग्रेस सत्ता में आने से चूक जाएगी। 

 

दिल्ली एमसीडी : तमाम एग्जिट पोल में दिल्ली नगर निगम चुनाव में बड़े उलटफेर का अनुमान लगाया गया है। पोल के अनुसार, 15 साल से एमसीडी में काबिज भाजपा के हाथ से सत्ता चली जाएगी। आम आदमी पार्टी की बड़ी जीत हो सकती है। एमसीडी को लेकर पांच एजेंसियों ने सर्वे किया था। सभी ने इस बार चुनाव में आम आदमी पार्टी को पूर्ण बहुमत का अनुमान लगाया है। आजतक एक्सिस माय इंडिया ने आप को 149 से 171, टाइम्स नाऊ ईटीजी ने 146 से 156, इंडिया न्यूज जन की बात ने 150 से 175, टीवी9 ऑन द स्पॉट ने 145 और जी न्यूज बार्क ने आम आदमी पार्टी को 134 से 146 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। वहीं, भाजपा को 70 से 94 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस के खाते में तीन से 14 सीटें जा सकती हैं। अन्य को शून्य से 14 सीटें  मिल सकती हैं। एमसीडी में जहां आम आदमी पार्टी का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, वहीं कांग्रेस को अब अस्तित्व बचाने की नौबत आ गई है। दिल्ली विधानसभा से पहले ही कांग्रेस साफ हो चुकी है। अब एमसीडी में भी काफी कम सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। 

 



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