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जिस उम्र में पिता की उंगली पकड़कर बच्चा चलता है, अगर उसी उम्र में किसी के सिर से पिता का साया उठ जाए, तो उस बच्चे के लिए आगे के सफर कितना मुश्किल हो सकता है. ऐसा ही कुछ जसप्रीत बुमराह के साथ भी हुआ था. 5 बरस की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया था. इसके बाद बुमराह के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने के लिए उनकी पेशे से शिक्षक मां ने अपना पूरा जीवन खपा दिया. आज बुमराह की गिनती दुनिया के धाकड़ गेंदबाजों में होती, उनके बिना भारतीय पेस आक्रमण में धार नजर नहीं आती है. लेकिन, उनका टीम इंडिया तक पहुंचने का सफर संघर्षों भरा रहा है. आइए जानते हैं कि कैसे बुमराह टीम इंडिया के बेस्ट गेंदबाज बने. (Jasprit Bumrah instagram)
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