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इस मौके पर अखिलेश यादव और डिंपल की प्रेम कहानी का जिक्र तो बनता है। 24 नवंबर 1999 को अखिलेश ने डिंपल से लव-मैरिज की थी और दोनों को अपने घरवालों को मनाने के लिए खूब पापड़ भी बेलने पड़े थे। हालांकि शादी के 22 साल बाद आज यादव परिवार में हर कोई बहू के रूप में डिंपल पर गर्व करता है।
अखिलेश जब पहली बार डिंपल से मिले, तब वह 17 साल की थीं और अखिलेश 21 साल के। अखिलेश उस वक्त इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे और डिंपल स्कूल में थी। एक दोस्त के यहां अखिलेश और डिंपल की पहली मुलाकात में ही दोस्ती हो गई थी।
ये दोस्ती कुछ ही दिनों में प्यार में बदल गई। अखिलेश पर लिखी गई एक किताब के मुताबिक अखिलेश यादव डिंपल से मिलने का बहाना ढूंढ़ते रहते थे और उसी दोस्त के यहां डिंपल से मिलने जाते थे।
इस बीच पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद भी अखिलेश डिंपल के संपर्क में बने रहे और वहां से उन्हें कार्ड और लव-लेटर भेजते रहते थे। पढ़ाई कर अखिलेश जब वापस लौटे, तो पिता मुलायम ने उनसे शादी के बारे में पूछा।
संकोच और मर्यादा के चलते अखिलेश पिता को अपने मन की बात बता नहीं सके। बताया जाता है कि उन्होंने अपने मन की बात अपनी दादी मूर्ति देवी को बताई। दादी की तरफ से हरी झंडी मिल जाने के बाद अखिलेश ने बाकी सबको भी मनाया और दादी ने ये बात पिता मुलायम तक पहुंचा दी।
वहीं डिंपल उत्तराखंड के लेफ्टिनेंट कर्नल एसपी रावत की बेटी हैं। उनका परिवार भी इस शादी के लिए तैयार नहीं था। आखिरकार अखिलेश और डिंपल के प्यार को दोनों परिवारों ने समझा फिर उनकी शादी हुई। अखिलेश अर्जुन, टीना और अदिति तीन बच्चों के पिता हैं। राजनीतिक व्यस्तताओं के बाद भी वह परिवार और बच्चों को पूरा वक्त देते हैं।
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