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RBI Repo Rate: ब्याज दरों में मामूली बढ़ोतरी कर सकता है आरबीआई, आरबीआई गवर्नर थोड़ी देर में करेंगे एलान

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RBI Repo Rate: ब्याज दरों में मामूली बढ़ोतरी कर सकता है आरबीआई, आरबीआई गवर्नर थोड़ी देर में करेंगे एलान

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RBI Monetary Policy 2022: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास

RBI Monetary Policy 2022: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास
– फोटो : ANI

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया गवर्नर कुछ देर बाद ब्याज दरों (रेपो रेट) में बढ़ोतरी का एलान कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति में नरमी के संकेत और वृद्धि को आगे बढ़ाने की आवश्यकता के बीच रिजर्व बैंक बुधवार को अपनी आने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 25-35 बीपीएस की वृद्धि का विकल्प चुन सकता है। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सोमवार से शुरू हो रही मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद  सात दिसंबर (बुधवार) को अपनी अगली द्विमासिक नीति पेश करेगा।

बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने शुक्रवार को बताया कि रिजर्व बैंक की छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति रेपो रेट में 0.25- 0.35 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है। हालांकि, आरबीआई इसके बाद रेपो दर में बढ़ोतरी से बच सकता है। रिजर्व बैंक ने इससे पिछली बैठक (30 सितंबर) में खुदरा महंगाई दर को नियंत्रित करने के लिए रेपो दर में 0.50 फीसदी का इजाफा किया था।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इससे पहले मई में रेपो रेट में 0.40 फीसदी, जून में 0.50 फीसदी और अगस्त में 0.50 फीसदी और सितंबर में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुका है। इस तरह वित्त वर्ष 2022-23 में आरबीआई ने रेपो रेट में मई से लेकर अबतक 1.90 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जो बढ़कर अभी 5.90 फीसदी के स्तर पर है।
आज रिजर्व बैंक इस साल की आखिरी मॉनिटरी पॉलिसी (RBI MPC Meeting) का ऐलान करेगा। बाजार की दिशा आरबीआई के फैसले पर ही निर्भर करेगी। गवर्नर शक्तिकांत दास महंगाई को लेकर क्या बोलते हैं और रेपो रेट को लेकर क्या फैसला लिया जाता है, बाजार की नजर इसपर टिकी रहेगी।

विस्तार

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया गवर्नर कुछ देर बाद ब्याज दरों (रेपो रेट) में बढ़ोतरी का एलान कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति में नरमी के संकेत और वृद्धि को आगे बढ़ाने की आवश्यकता के बीच रिजर्व बैंक बुधवार को अपनी आने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 25-35 बीपीएस की वृद्धि का विकल्प चुन सकता है। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सोमवार से शुरू हो रही मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद  सात दिसंबर (बुधवार) को अपनी अगली द्विमासिक नीति पेश करेगा।

बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने शुक्रवार को बताया कि रिजर्व बैंक की छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति रेपो रेट में 0.25- 0.35 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है। हालांकि, आरबीआई इसके बाद रेपो दर में बढ़ोतरी से बच सकता है। रिजर्व बैंक ने इससे पिछली बैठक (30 सितंबर) में खुदरा महंगाई दर को नियंत्रित करने के लिए रेपो दर में 0.50 फीसदी का इजाफा किया था।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इससे पहले मई में रेपो रेट में 0.40 फीसदी, जून में 0.50 फीसदी और अगस्त में 0.50 फीसदी और सितंबर में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुका है। इस तरह वित्त वर्ष 2022-23 में आरबीआई ने रेपो रेट में मई से लेकर अबतक 1.90 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जो बढ़कर अभी 5.90 फीसदी के स्तर पर है।

आज रिजर्व बैंक इस साल की आखिरी मॉनिटरी पॉलिसी (RBI MPC Meeting) का ऐलान करेगा। बाजार की दिशा आरबीआई के फैसले पर ही निर्भर करेगी। गवर्नर शक्तिकांत दास महंगाई को लेकर क्या बोलते हैं और रेपो रेट को लेकर क्या फैसला लिया जाता है, बाजार की नजर इसपर टिकी रहेगी।



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