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ईरान हिजाब विरोध बढ़ रहा है: हिजाब और मोरल पुलिस को लेकर विरोध-प्रदर्शन की आग में जल रहे ईरान में अब आम लोगों के साथ-साथ खास लोगों का समर्थन भी लगातार बढ़ रहा है। बात चाहे लेटर्स की हो या एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की, हर कोई किसी न किसी तरह से इस विरोध में शामिल हो रहा है। इसी कड़ी में अब एक और बड़ा सपोर्ट मिला है। दरअसल, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की एक बहन ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर अपनी कार्रवाई की निंदा की है और व्यापक रूप से आशंकित रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को अपने हथियार डालने का आह्वान किया है। इस बात की पुष्टि उनके फ्रांस-आधारित बेटे द्वारा एक पत्र से हुई है।
बेटे ने ट्विटर पर यह लेटर शेयर किया है
दिसंबर 2022 के पत्र में ईरान में रहने वाले बद्री हुसैनी खामेनेई ने इस्लामिक गणराज्य के विकलांग संस्थापक अयातुल्ला रूहुल्लाह खुमानी के समय से लेकर उनके भाई के शासन तक क्लर्कियल स्थापना की आलोचना की है। पत्र में वह कहता है, ‘मुझे लगता है कि अब यह घोषणा करना उचित है कि मैं अपने भाई के कार्यों का विरोध करता हूं और मैं खुमानी के समय से लेकर अली खमेनेई के निर्ंकुश खिलाफत के वर्तमान युग तक इस्लामिक गणराज्य के अन्य लोगों का शोक मानता हूं सभी मदर्स के साथ अपनी सहानुभूति व्यक्त करती हूं।’ यह पत्र बुधवार को उनके बेटे महमूद मोरादखानी का ट्विटर अकाउंट से साझा किया गया है। पत्र में कहा गया है, ‘अली खमेनेई के रिवोल्यूशनरी गार्ड और सेवानिवृत्त सैनिकों को जल्द से जल्द अपना हथियार डालना चाहिए और बहुत देर से होने से पहले लोगों पर ध्यान देना चाहिए।’
महसा अमीनी की मौत के बाद से शुरू हुआ विवाद
बता दें कि 16 सितंबर 2022 को पुलिस हिरासत में 22 साल कुर्द ईरानी महिला महसा अमिनी की मौत के बाद ईरान जाम की चपेट में है और सोमवार से शुरू होकर तीन दिवसीय आम हड़ताल का सामना कर रहा है। महसा अमीनी को पुलिस ने हिजाब न पहनने की वजह से हिरासत में ले लिया था और फिर उन्हें बुरी तरह से टॉर्चर किया गया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
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