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आचार्य प्रमोद कृष्णम और सीएम गहलोत
– फोटो : Social Media
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हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत के बाद एक बार फिर राजस्थान में सियासत गरमा गई है। पायलट समर्थक आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निशाने पर लिया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम की एक ट्वीट से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
प्रमोद कृष्णम ने ट्वीट किया कि ‘युवा नेता सचिन पायलट हिमाचल के ऑब्जर्बर थे और हमारे अनुभवी नेता अशोक गहलोत गुजरात के, आगे मुझे कुछ नहीं कहना।’ बता दें कि सचिन पायलट को हिमाचल का स्टार प्रचारक बनाया गया था। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस जीत गई है। गहलोत को गुजरात की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गुजरात में कांग्रेस हार गई। ऐसे में आचार्य प्रमोद ने इशारों-इशारों में सीएम गहलोत के फेल्योर को सामने रखा है और सचिन पायलट को हिमाचल की जीत का श्रेय दिया है। इससे पहले भी प्रमोद कृष्णम कई बार सचिन पायलट को राजस्थान का सीएम बनाने की मांग कर चुके हैं।
युवा नेता @SachinPilot हिमाचल के ऑब्ज़र्बर थे और हमारे अनुभवी नेता @ashokgehlot51 जी “गुजरात” के, आगे मुझे कुछ नहीं कहना.
— Acharya Pramod (@AcharyaPramodk) December 8, 2022
गुजरात में हार पर क्या बोले गहलोत
दूसरी ओर गुजरात चुनावों में हार की जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश प्रभारी रघु शर्मा ने इस्तीफा सौंप दिया है। वहीं गुजरात में हार पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा भले ही गुजरात में चुनाव जीत गई हो लेकिन वहां भारी सरकार विरोधी रुझान देखा गया, जिसका मतलब है कि कांग्रेस कहीं जिंदा है। हमें खुशी है कि सिद्धांतों और विचारधारा की लड़ाई कांग्रेस जीत गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अशोक गहलोत और पायलट की लड़ाई का असर गुजरात चुनाव में भी पड़ा होगा। जब गुजरात में पूरे जी जान से प्रचार करने की जरूरत थी, तब गहलोत राजस्थान के सियासी घमासान में उलझे रहे।
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