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चंद्र और मंगल: चांद और मंगल पर जीवन की खोज बहुत लंबे समय से चल रही है। दोनों योजनाओं को मनुष्यों को बसाने के क्रम में किए गए कई प्रयास सामने आ गए। अब चंद्रमा और मंगल पर जीवन को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है। नए तरीकों से चंद्रमा और मंगल पर माइक्रोब्स के जरिए इंसानों की कॉलोनी बसाने की बात कही गई है।
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय इरविन के शोधकर्ता इन नए तरीकों पर विचार कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि माइक्रोब्स बायोकेमिकल प्रक्रिया का अध्ययन कर चंद्रमा और मंगल पर मनुष्य के लिए जीवन की खोज में मदद कर सकता है।
यूसीआई के सामग्री विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग और जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान विभाग के जीव विज्ञान विभाग ने उच्च-रिज़ॉल्यूशन ज़िम्मेदारी ज़िम्मेदारी और उन्नत स्पेक्ट्रोस्कोपिक दृष्टिकोण तकनीकों का उपयोग किया है ताकि प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अकेले और कृत्रिम रूप से दोनों इलेक्ट्रॉनिक रूप से काम कर सकें। कुशल। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह एक प्रमुख कारक है कि साइनोबैक्टीरिया बायोफिल्म का उत्पादन करते हैं जो जिप्सम अणु के भीतर चुंबकीय अणुओं के कणों को भंग कर देते हैं, बाद में मैग्नेटाइट को ऑक्सीकृत हेमेटाइट में बदल देते हैं।
इससे पहले मंगल ग्रह को लेकर एक रिपोर्ट में कहा गया था कि लाल ग्रह पर सूक्ष्म जीव रहते होंगे। जो कि इस ग्रह के वातावरण को जीवन के अनुकूल बनाने में साबित हुए हैं। लेकिन समय के साथ मंगल विनाश परिवर्तन की मार पड़ी, जिसके कारण ये सूक्ष्म ग्रह की सतह की गहराई में चले गए और यहां का ताप घटता चला गया।
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(एजेंसी के साथ)
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