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तालिबान पाकिस्तान सीमा: पाकिस्तान और लॉकडाउन की सेना में कई दिनों से तनाव बना हुआ है, लेकिन अब ये मामला बढ़ता ही जा रहा है। आतंकवादी के लड़ाके स्पिन बोल्डक-चमन सीमा के मध्यम से पाकिस्तान के अंदर घुस गए और वहां हमला कर दिया। इस हमले की वजह से पाकिस्तान में पांच लोगों की मौत हो गई। इस हमले में 20 लोग घायल भी हो गए हैं। क्लॉंज ने इस हमले की वजह भी बताई है। उनकी तरफ से कहा गया कि पाकिस्तान की सेना अफगानों को जबरन परेशान करती थी। इन लोगों को चमन सीमाओं के अलग-अलग अतिसंवेदनशील में भर्ती किया जाता है। स्थिति इतनी नाजूक है कि उन आशंकाओं को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच पाकिस्तान की सेना ने भी सीमा पर भारी संख्या में सैनिकों को रोक रखा है। इसी वजह से सीमा से होने वाले व्यापार पर भी रोक लग गई है। खुद पाकिस्तान की सेना को इस बात की आशंका है कि आतंकवादी लड़ाके फिर से हमला कर सकते हैं।
इसलिए आन्दोलन ने हमला किया
पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान से नाराज है क्योंकि स्पिन बोल्डक-चमन सीमाओं पर अफगानी नागरिकों को पाकिस्तानी सेना परेशान कर रही है। अफगानी नागरिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। लॉकडाउन ने ऐसा आरोप लगाया कि पाकिस्तान के सैनिक जबरन अफगानी नागरिकों को परेशान करते हैं। 1.9 घंटे लम्बाई-प्यासे लाइन में खड़े होते हैं। अगर इस बात का विरोध जताते हैं तो पाकिस्तानी सैनिक उनकी पिटाई भी कर देते हैं। तालेबान ने ऐसा दावा किया है कि उन्होंने इस बात की शिकायत सरकार पाकिस्तान से भी की, लेकिन सीमाओं पर फिर भी स्थिति में सुधार नहीं किया गया।
स्पिन बोल्डक-चमन बॉर्डर से होता है ये व्यापार
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जो व्यापार होता है, वह स्पिन बोल्डक-चमन सीमाओं के मध्यम से ही होता है। इसी रास्ते से अँधेरा अनूर, डूबा हुआ मेवे, क्कलिन और कई लंघन करने वाले पाकिस्तान की निराशा पर टूट पड़ते हैं और फिर ये सामान दुनिया के कई देशों में चला जाता है। अफगानिस्तान भी पाकिस्तान से अनाज, कपड़े, कपड़े और दूसरी जरूरी चीजों को इसी सीमा से मंगाता है। एक दिन में बड़ी संख्या में अफगानी नागरिक इसी सीमा से पाकिस्तान आते-जाते हैं।
दोनों देशों में बना है सीमा विवाद
अफ़ग़ानिस्तान में जब से तालेबंदी का शासन शुरू हुआ, तब से वह अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर नहीं गया। लॉकडाउन का दावा है कि डूरंड लाइन के उस पार यानी पाकिस्तान में भी अफगानिस्तान का कुछ दायरा है। तालेबान, पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख़्तूनख्वा के बड़े हिस्से को अपना बताया है। इसी वजह से पहले भी ड्यूरंड लाइन को लेकर पक्की सेना और आलिंद के बीच झड़पें हो चुकी हैं।
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