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रिपोर्ट : उधव कृष्ण
पटना. बांग्लादेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 131 गेंद पर 210 रनों की पारी खेलकर सबसे तेज डबल सेंचुरी लगाने का रिकॉर्ड बनानेवाले ईशान किशन इन दिनों क्रिकेट की नई सनसनी हैं. क्रिकेट की दुनिया के विशेषज्ञ जहां उनकी बल्लेबाजी की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं, वहीं उनके घर पटना के बेली रोड स्थित आशियाना में जश्न का माहौल बना हुआ है. माता-पिता, भाई-भाभी समेत अन्य रिश्तेदारों के मोबाइल की घंटियां दिन-रात घन-घना रही हैं. दूर-दराज के रिश्तेदार खुद पहुंचकर बधाई दे रहे हैं. सैफई से उनकी भाभी के मायके से भी कई लोग बधाई देने पहुंचे. लेकिन, क्या कोई यह जानता है कि ईशान किशन के पिता उनके करियर के बारे क्या सोचते थे? तो आइए, आज हम आपको ईशान किशन से जुड़े कई अनछुए पहलुओं से आपको वाकिफ कराते हैं.
ईशान के पिता प्रणव पांडे कहते हैं कि वह 7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलने लगा था. क्रिकेट के प्रति उसका जुनून देख हमलोग भी उसका सपोर्ट करते थे. क्रिकेट के चक्कर में ईशान कई बार क्लास भी बंक कर देता था. उसकी परीक्षा तक छूट गई थी. वे कहते हैं कि मैंने तो सिर्फ यह सोचा था कि ईशान अच्छा क्रिकेट खेल कर रणजी ट्रॉफी तक पहुंच जाएगा और कोई सरकारी नौकरी लग जाएगी, तो लाइफ सेटल हो जाएगा. लेकिन आज जब ईशान ने शुरुआती समय में ही वन-डे में सबसे तेज दोहरा शतक लगाया है, तो देश ही नहीं, विदेश के लोगों ने भी उसकी क्रिकेट प्रतिभा को करीब से देखा और जमकर सराहा.
आपके शहर से (पटना)
मैच से पहले भतीजे को करता है वीसी
ईशान दो भाई हैं. बड़े भाई राज किशन पेशे से डॉक्टर हैं. हालांकि बचपन में दोनों भाई क्रिकेट खेला करते थे. बड़े भाई का एक छह माह का बेटा है. मां सुचित्रा सिंह कहती हैं कि वैसे तो ईशान को जन्म देना उनके लिए गौरव की बात पहले से ही थी, लेकिन अब उस पर देशवासी गर्व करने लगे हैं. यह हमारे लिए और भी गर्व की बात है. वे कहती हैं कि जब से घर में छोटा मेहमान (भतीजा) आया है, ईशान हर मैच से पहले इस छोटे मेहमान से वीडियो कॉलकर जरूर एक बार बात करता है. यह उसके लिए लकी चार्म है.
क्रिकेट खेलने जाता था रांची
पिता प्रणव के मुताबिक, स्कूल के प्रिंसिपल ने साफ कह दिया कि पढ़ाई और क्रिकेट एकसाथ नहीं चल सकता है. ईशान को इन दोनों में से कोई एक रास्ता चुनना होगा. ईशान ने क्रिकेट को चुना था. शुरुआत में ईशान खेलने के लिए पटना से रांची जाता था. बाद में उन्होंने वहां रेंट पर कमरा भी लिया था. बता दें कि ईशान किशन शुरू से ही क्रिकेट के प्रति जुनूनी रहे हैं. बड़े भाई राज किशन भी शुरू में क्रिकेट खेलते थे. पिता प्रणव पांडेय बताते हैं कि ईशान को खेल में सपोर्ट करना पड़ा, अन्यथा वह न खेल में अच्छा कर पाता न ही पढ़ाई में. प्रणव कहते हैं कि घर के सभी लोगों की मेहनत और त्याग सार्थक हो गई. जितना सोचा उससे भी बढ़िया ईशान ने किया है.
दोहरा शतक जमाने वाले चौथे भारतीय
अंतरराष्ट्रीय मैच में ईशान के जबरदस्त प्रदर्शन से सभी लोग हर्षित, प्रसन्न व गौरवांवित हैं. इस होनहार सलामी बल्लेबाज ने 10 दिसंबर को बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे वनडे में इतिहास रच दिया. इस मुकाबले में उन्होंने तूफानी बैटिंग करते हुए 131 गेंदों पर 210 रनों की पारी खेली. बल्लेबाजी करते हुए ईशान ने कुल 24 चौके और 10 छक्के बांग्लादेश के विरुद्ध जड़े. ईशान किशन की आक्रामक पारी देख हर कोई हैरान रह गया. आपको बताते चलें कि वह भारत के सिर्फ चौथे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने वनडे में दोहरा शतक जड़ा है.
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Tags: Bihar News, Ishan kishan, PATNA NEWS
FIRST PUBLISHED : December 13, 2022, 15:28 IST
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