Home Breaking News US: चीन-रूस तनाव के बीच अमेरिका ने किया हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट, हथियार ने 5 मैक से ज्यादा रफ्तार हासिल की

US: चीन-रूस तनाव के बीच अमेरिका ने किया हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट, हथियार ने 5 मैक से ज्यादा रफ्तार हासिल की

0
US: चीन-रूस तनाव के बीच अमेरिका ने किया हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट, हथियार ने 5 मैक से ज्यादा रफ्तार हासिल की

[ad_1]

हाइपरसोनिक मिसाइल (file photo)

हाइपरसोनिक मिसाइल (file photo)
– फोटो : Social Media

ख़बर सुनें

चीन और रूस के साथ लगातार जारी तनाव के बीच अमेरिकी वायुसेना ने पहली बार हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इससे पहले कई बार हुए परीक्षणों में उसे सफलता नहीं मिल सकी थी। अमेरिका ने हवा से दागी जाने वाले इस रैपिड रिस्पांस हथियार का बी-52 बमवर्षक विमान से कैलिफोर्निया के तट से परीक्षण किया है। इस परीक्षण के दौरान उसकी एजीएम-183-ए मिसाइल ने पांच मैक से ज्यादा की हाइपरसोनिक रफ्तार को हासिल किया। सीएनएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस तरह की मिसाइलें अब तक दुनिया में चीन और रूस के पास थीं जबकि अमेरिका की यह मिसाइल और भी उन्नत है।

पूरे सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया 
अमेरिका की वायुसेना ने कहा है कि इस परीक्षण के दौरान हाइपरसोनिक मिसाइल ने अपने सभी लक्ष्यों को हासिल किया। यह एक बूस्ट ग्लाइड मिसाइल है जिसमें बूस्टर रॉकेट की मदद से बारूद के गोले को हाइपरसोनिक स्पीड दी जाती है। एक ग्लाइड वीइकल इसके बाद बूस्टर से अलग हो जाता है और फिर अपने लक्ष्य की ओर हाइपरसोनिक स्पीड से बढ़ता है। ऐसा पहली बार है जब हाइपरसोनिक मिसाइल के पूरे सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया है। इससे पहले के परीक्षण में बूस्टर रॉकेट पर फोकस किया जाता था। यह मिसाइल पिछले साल कई परीक्षणों के बावजूद सफल साबित नहीं हो पाई थी।

बेहद उन्नत किस्म की है अमेरिकी मिसाइल
पिछले साल चीन की एक हाइपरसोनिक मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर हमला करने से पहले पूरी दुनिया का चक्कर लगाया था। इसके अलावा रूस ने भी किंझल नामक हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण कर दुनिया में दहशत पैदा कर दी थी। इसे देखते हुए अमेरिकी वायुसेना ने अपने दूसरे प्रोजेक्ट रोककर हाइपरसोनिक मिसाइल पर काम किया। यह मिसाइल काफी उन्नत किस्म की है। पेंटागन ने इसका विवरण जारी नहीं किया है।

विस्तार

चीन और रूस के साथ लगातार जारी तनाव के बीच अमेरिकी वायुसेना ने पहली बार हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इससे पहले कई बार हुए परीक्षणों में उसे सफलता नहीं मिल सकी थी। अमेरिका ने हवा से दागी जाने वाले इस रैपिड रिस्पांस हथियार का बी-52 बमवर्षक विमान से कैलिफोर्निया के तट से परीक्षण किया है। इस परीक्षण के दौरान उसकी एजीएम-183-ए मिसाइल ने पांच मैक से ज्यादा की हाइपरसोनिक रफ्तार को हासिल किया। सीएनएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस तरह की मिसाइलें अब तक दुनिया में चीन और रूस के पास थीं जबकि अमेरिका की यह मिसाइल और भी उन्नत है।

पूरे सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया 

अमेरिका की वायुसेना ने कहा है कि इस परीक्षण के दौरान हाइपरसोनिक मिसाइल ने अपने सभी लक्ष्यों को हासिल किया। यह एक बूस्ट ग्लाइड मिसाइल है जिसमें बूस्टर रॉकेट की मदद से बारूद के गोले को हाइपरसोनिक स्पीड दी जाती है। एक ग्लाइड वीइकल इसके बाद बूस्टर से अलग हो जाता है और फिर अपने लक्ष्य की ओर हाइपरसोनिक स्पीड से बढ़ता है। ऐसा पहली बार है जब हाइपरसोनिक मिसाइल के पूरे सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया है। इससे पहले के परीक्षण में बूस्टर रॉकेट पर फोकस किया जाता था। यह मिसाइल पिछले साल कई परीक्षणों के बावजूद सफल साबित नहीं हो पाई थी।

बेहद उन्नत किस्म की है अमेरिकी मिसाइल

पिछले साल चीन की एक हाइपरसोनिक मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर हमला करने से पहले पूरी दुनिया का चक्कर लगाया था। इसके अलावा रूस ने भी किंझल नामक हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण कर दुनिया में दहशत पैदा कर दी थी। इसे देखते हुए अमेरिकी वायुसेना ने अपने दूसरे प्रोजेक्ट रोककर हाइपरसोनिक मिसाइल पर काम किया। यह मिसाइल काफी उन्नत किस्म की है। पेंटागन ने इसका विवरण जारी नहीं किया है।



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here