[ad_1]
वायरल ट्रेंडिंग न्यूज: भारत के ज्यादातर लोग समोसे के स्वाद से पेश किए जाएंगे। आपको बता दें कि यह केवल भारत में ही नहीं बल्कि यूरोपीय देशों में भी काफी पसंद किया जाता है। यह स्ट्रीट फूड भारत की ज्यादातर जगहों पर मिल जाएगा। देश के पड़ोसी मुल्कों में भी समोसे को खूब पसंद किया जाता है। कई लोग चाय के साथ पीते हैं तो कुछ लोग शाम के नाश्ते के तौर पर इसके फायदे हैं। कभी-कभी रोशनी भूख को मिटाने के लिए भी लोग समोसा पसंद करते हैं। समोसा का कई पसंदीदा दस्तावेज होता है। इतना पसंद किए जाने के बावजूद एक ऐसा देश हैं जहां समोसे पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
समोसा अफ्रीकी देश सोमालिया में कई देशों ने पसंद किया और पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया। बता दें कि यहां अगर कोई शख्स समोसा खरीद, खर्च या बनाता पकड़ा जाता है तो उसके लिए यहां बकायदा सजा का प्रावधान भी है। खबर है कि यहां के एक अतिपंथी संगठन ने समोसे के तिकोने आकार की वजह से इसे प्रतिबंधित कर दिया है। उनका कहना है कि समोसे का तिकोना आकार क्रिश्चियन कम्यूनिटी के एक चिह्न से काफी हद तक मिलता है। इसी वजह से समोसे को सोमालिया में बैन होना पड़ा है। इसके विपरीत कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि समोसे में सड़े-गले मिलते हैं, इसलिए यहां पर समोसे पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
समोसे का इतिहास क्या है?
कुछ लोग मानते हैं कि समोसे की भारत में एंट्री मध्य एशिया से हुई है। इसकी रेसिपी का श्रेय मध्य एशिया के अरब व्यापारियों को दिया जाता है। तेरहवीं शताब्दी की प्रसिद्ध पुस्तक ‘तारीख ए बेहाकी’ में इसके बारे में बताया गया है। वहीं कुछ लोग समोसे को मिस्र का मानते हैं। मुगल काल के दौरान यह मुगल दरबार की शान भी हुआ था।
लेखों की पहली पसंद Zeenews.com/hindi – अब किसी और की पहचान नहीं
.
[ad_2]
Source link