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Aam Aadmi Party: राज्यों में पकड़ बनाने के लिए AAP ने अपनाया नया फॉर्मूला, समझें ताजा सियासी समीकरण

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Aam Aadmi Party: राज्यों में पकड़ बनाने के लिए AAP ने अपनाया नया फॉर्मूला, समझें ताजा सियासी समीकरण

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अरविंद केजरीवाल(फाइल)

अरविंद केजरीवाल(फाइल)
– फोटो : PTI

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आम आदमी पार्टी ने राज्यों में पकड़ बनाने के लिए नए सिरे से रणनीति तैयार की है। अब आप उन राज्यों पर  ध्यान केंद्रित करेगी जहां, अभी तक उन्हें जीत नहीं मिल पाई है। इसमें यूपी, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश जैसे उत्तर भारत के राज्य शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल खुद इसकी माॉनिटरिंग कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भी इनमें से कई मुद्दों पर चर्चा हुई। 

आइए जानते हैं आम आदमी पार्टी की नई रणनीति। कैसे उत्तर भारतीय राज्यों में आप का प्रसार करने की तैयारी है और इसके लिए क्या रणनीति तैयार की गई है? 
 
क्या है आप का नया फॉर्मूला? 
इसे समझने के लिए हमने आम आदमी पार्टी के एक राष्ट्रीय नेता से बात की। उन्होंने उन बिंदुओं के बारे में बताया, जिसके जरिए उत्तर भारतीय राज्यों में आम आदमी पार्टी पकड़ बनाने की कोशिश में जुटी हुई है। 
 
1. नगर निकाय चुनावों में मजबूती से लड़ेंगे : पार्टी ने फैसला लिया है कि उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार समेत उत्तर भारत के सभी राज्यों के नगर निकाय और पंचायत चुनावों में आम आदमी पार्टी उतरेगी। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में अभी आम आदमी पार्टी की मेयर हैं। इसके अलावा कई वार्डों के पार्षद भी आम आदमी पार्टी के हैं। अब यूपी में होने वाले नगर निकाय चुनाव में भी आम आदमी पार्टी उतरेगी। इसके जरिए निचले स्तर पर आम आदमी पार्टी अपने लिए जमीन तैयार करेगी, ताकि इसका फायदा विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मिल सके। गुजरात में भी आम आदमी पार्टी ने यही किया था। इसका फायदा पार्टी को इस बार हुए विधानसभा चुनाव में भी मिला। विधानसभा चुनाव में आप के पांच प्रत्याशी चुनाव जीत गए, जबकि वोट शेयर भी 12 प्रतिशत तक पहुंच गया। 
 
2. दिल्ली मॉडल और मुफ्त की योजनाओं का वादा : आम आदमी पार्टी ने हर चुनावों में दिल्ली मॉडल को भुनाने का फैसला लिया है। बेहतर स्कूल और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार बनाने का दावा करना शुरू कर दिया है। अरविंद केजरीवाल ने चुनावों में मुफ्त योजनाओं को सबसे बड़े हथियार के तौर पर पेश करने के लिए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कहा है। मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी के साथ-साथ मुफ्त बस यात्रा व अन्य योजनाओं का वादा करने के लिए भी अपने नेताओं को बोला है। इससे मध्यम और गरीब वर्ग के लोग सबसे तेजी से पार्टी से जुड़ सकते हैं। 
 
3. भाजपा के राष्ट्रवाद को टक्कर : आम आदमी पार्टी जानती है कि भारतीय जनता पार्टी को टक्कर देना आसान नहीं है। यही कारण है कि अरविंद केजरीवाल ने भाजपा बनाम आप के राष्ट्रवाद की जंग छेड़ दी है। भाजपा के राष्ट्रवाद को गलत और धोखा बताकर आम आदमी पार्टी अपने नए राष्ट्रवाद को लोगों के बीच ले जाना चाहती है। इसके लिए जगह-जगह पर चीन और पाकिस्तान के मुद्दों को उठाने की तैयारी है। 
 
4. हर राज्य में कांग्रेस का विकल्प बनना : आम आदमी पार्टी ने उन राज्यों को खासतौर पर टारगेट करना शुरू किया है, जहां सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होता है। ऐसे राज्यों में आम आदमी पार्टी कांग्रेस का विकल्प बनने की कोशिश में जुटी है। 
 
सर्वे और दावों से माहौल बनाने की कोशिश
आम आदमी पार्टी को समझने के लिए हमने वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार सिंह से बात की। उन्होंने कहा, ‘आम आदमी पार्टी माहौल बनाने और प्रचार-प्रसार करने में काफी तेज है। इसके लिए पार्टी कई उन तरीकों को भी अपना लेती है, जिनसे अन्य पार्टियां परहेज करती हैं।’

प्रमोद कहते हैं, ‘अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के बड़े नेता तमाम सर्वे और पोल का हवाला देकर माहौल बनाते हैं। ये सर्वे और पोल किसने करवाए, ये किसी को नहीं मालूम होता है। आप के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे योगेंद्र यादव खुद इसका खुलासा कर चुके हैं।’

प्रमोद के अनुसार, जब कोई ये कहता है कि इस बार हमारी सरकार बनेगी और फला पार्टी को केवल इतनी सीटें मिलेंगी तो लोग उसे ध्यान से सुनते हैं। उसपर चर्चा करने लगते हैं। इससे आम आदमी पार्टी का प्रचार खुद ब खुद होने लगता है। केजरीवाल आमतौर पर यही करते हैं। गुजरात, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, यूपी समेत कई राज्यों में वह ऐसा कर चुके हैं। 
 
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में क्या-क्या बोले केजरीवाल? 
कापसहेड़ा में हो रही आम आदमी पार्टी (AAP) की  राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भाजपा, कांग्रेस से लेकर तमाम राजनीतिक दलों पर निशाना साधा। केजरीवाल ने दावा किया कि इस बार गुजरात में आम आदमी पार्टी के वोट प्रतिशत में काफी इजाफा हो चुका है। अगली बार यानी 2027 में गुजरात में हमारी ही सरकार बनेगी।

केजरीवाल ने आगे कहा, ‘दिल्ली नगर निगम चुनाव में जीत के लिए सभी को बधाई। इसके साथ ही हमारी राष्ट्रीय पार्टी बन गई है, इसके लिए सभी को बधाई है। हम इसलिए इस जगह पर पहंचे हैं क्योंकि हम जनता की बात करते हैं। आज हम इस बैठक में अपनी विचारधारा पर बात कर रहे हैं। कट्टर देशभक्ति, कट्टर ईमारदारी और इंसानियत यह तीन हमारे मूलमंत्र हैं। हमारी ऐसी पार्टी है जो पता चल जाने पर अपने ही मंत्री को भी जेल भेज देती है।’ 
 
चीन को लेकर भाजपा पर निशाना
चीन को लेकर केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘चाइना जिस तरह हमें आंखे दिखा रहा है, यह हमारे देश के लोगों को अच्छा नहीं लगता है। मगर केंद्र कहता है कि सभी कुछ ठीक ठाक है। भारत चाइना से कारोबार बढ़ा रहा है। जबकि चाहिए यह कि चाइना से कारोबार बंद करे, चाइना से कारोबार बंद क्यों नहीं करते? चाइना से खिलौने, चप्पल और कपड़े आ रहे हैं क्या हम इन्हें नहीं बना सकते हैं। इन्हें हम अपने यहां क्यों नहीं बना लेते है? मैं लोगों से अपील करता हूं कि चाइना का सामान खरीदना बंद करो और भारत सरकार से अपील है कि चाइना से सामान मंगाना बंद करे। साढ़े सात लाख करोड़ का कारोबार भारत चाइना के साथ कर रहा है। इसे बंद कर दिया जाना चाहिए।

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आम आदमी पार्टी ने राज्यों में पकड़ बनाने के लिए नए सिरे से रणनीति तैयार की है। अब आप उन राज्यों पर  ध्यान केंद्रित करेगी जहां, अभी तक उन्हें जीत नहीं मिल पाई है। इसमें यूपी, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश जैसे उत्तर भारत के राज्य शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल खुद इसकी माॉनिटरिंग कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भी इनमें से कई मुद्दों पर चर्चा हुई। 

आइए जानते हैं आम आदमी पार्टी की नई रणनीति। कैसे उत्तर भारतीय राज्यों में आप का प्रसार करने की तैयारी है और इसके लिए क्या रणनीति तैयार की गई है? 

 



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