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हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कहना है कि राज्य में उनकी सरकार सत्ता के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आई है। मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी, आर्थिक बदहाल राज्य में लोकलुभावन चुनावी वादे पूरे करने की चुनौती, राजनीतिक संस्कृति में बदलाव, कांग्रेस की छवि और राज्य में अदाणी सीमेंट कंपनी के दो प्लांट बंद करने को लेकर अमर उजाला के विशेष संवाददाता अनूप वाजपेयी ने दिल्ली में मुख्यमंत्री से बातचीत की।
मुख्यमंत्री तय होने के बाद मंत्रिमंडल गठन में कहां अड़चन है?
कोई अड़चन नहीं है, मंत्रिमंडल के स्वरूप और नामों पर लगभग विचार-विमर्श हो चुका है। विधानसभा का सत्र बुलाकर विधायकों को शपथ होनी है। अंतिम सप्ताह तक मंत्रिमंडल गठन हो जाएगा।
सुक्खू सरकार की प्राथमिकताएं क्या होंगी। जनता के मुद्दों पर चुनाव लड़ा और जीता है?
हमने चुनाव में जो गारंटी दी हैं, उन्हें पूरा करना हमारी प्राथमिकता है। वादे व जनता से जुड़े अन्य भी जो मुद्दे हैं, उन्हें पहले पूरा करेंगे।
आपकी सरकार बनते ही अदाणी ने अचानक राज्य में अपने दो सीमेंट प्लांट बंद कर दिए। सीमेंट की दर बढ़ा दी?
ये मामला कानून व्यवस्था से जुड़ा है। फैक्ट्री यूनियन और अदाणी समूह के बीच विवाद है। सरकार चाहती है कि समझौता हो जाए, लेकिन न यूनियन का नुकसान हो और न फैक्ट्री का, लेकिन एक बात साफ कर दूं कि हिमाचल प्रदेश में सीमेंट के दाम कम करने ही होंगे। ऐसा कतई न हो कि पंजाब में सीमेंट सस्ते में बिके और हिमाचल में मंहगा।
राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, ऐसे में पुरानी पेंशन योजना, महिलाओं को पेंशन कैसे देंगे?
पिछली भाजपा सरकार राज्य पर 70 हजार करोड़ का कर्ज छोड़कर गई है। बड़ी चुनौती है, लेकिन समाधान भी हैं। हमने पहले दिन कहा था और फिर कह रहा हूं कि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम पर फैसला पहली कैबिनेट में लेंगे। अन्य योजनाएं पूरा करना भी हमारी जिम्मेदारी है।
हिमाचल में सरकार बदली है, राज्य के लोगों को बदलाव कैसे दिखेगा?
मैंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन होगा। जनप्रतिनिधियों को जनता ने चुना है, इसलिए राजनीतिक संस्कृति में बदलाव भी हम सबको लाना होगा। सबसे पहले सभी विधायकों की कुछ सुविधाएं बंद कीं। हिमाचल भवन और सदन में विधायकों के लिए निशुल्क सुविधा बंद कर दी है। भविष्य में ऐसे और फैसले लेंगे।
कांग्रेस को लेकर पूरे देश में एक धारणा बनी थी, हिमाचल के लोगों ने उसे तोड़ा है। सरकार की छवि को लेकर ऐसा क्या करेंगे, जिससे संदेश जाए?
कांग्रेस की अपनी प्रबल विचारधारा है, सभी वर्गों का सम्मान करती है। कांग्रेस हमेशा से आम लोगों की उन्नति, विकास और देश को आगे रखकर चली है। लोगों का स्नेह हमेशा रहा है। मेरे जैसे जमीन से आए सामान्य परिवार के व्यक्ति और पार्टी के आम कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला है। हिमाचल में सेवा करके लोगों को अहसास कराएंगे कि कांग्रेस की सोच आज भी समाज के उन्हीं लोगों के लिए है।
वीरभद्र परिवार की कुछ इच्छा है, उसके अनुसार काम करेंगे : सुक्खू
कांग्रेस परिवार के साथ वीरभद्र सिंह के परिवार को साथ लेकर कैसे चलेंगे। मुख्यमंत्री पद को लेकर कई दिन खींचतान चली?
कांग्रेस एक परिवार है। राज्य में अब कोई ग्रुप नहीं रह गया है। वीरभद्र सिंह परिवार की कुछ इच्छा है उसके अनुसार काम करेंगे। उनके बेटे विधायक हैं, उनके समेत सभी विधायकों को साथ लेकर चलना है।
अभी तक राज्य में डबल इंजन सरकार थी कोई दिक्कत नहीं थी। ऐसे में केंद्र से भविष्य के रिश्ते और प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे?
सोमवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीएम बनने के बाद शिष्टाचार भेंट है। देश के प्रधानमंत्री हैं और हिमाचल से उनका लगाव भी है, ऐसे में मुझे नहीं लगता कि राज्य को कोई दिक्कत आएगी।
बदली हुई कांग्रेस में गांधी परिवार की भूमिका को किस तरह से देखते हैं?
कांग्रेस में गांधी परिवार की भूमिका राजनीतिक दृष्टिकोण से हमेशा महत्वपूर्ण रही है। ये वह परिवार है जिसने देश की एकता और अखंडता के लिए दो प्रधानमंत्रियों का बलिदान दिया है।
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