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अपने पिता विशाल भारद्वाज के नक्शेकदम चलते हुए आसमान भारद्वाज ने भी निर्देशन के क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। बतौर निर्देशक आसमान ‘कुत्ते’ के जरिए बॉलीवुड में कदम रख रहे हैं। इस फिल्म का ट्रेलर लांच हो चुका है। फिल्म में अर्जुन कपूर, तब्बू, कुमुद मिश्रा और नसीरुद्दीन शाह की मुख्य भूमिकाएं है। भारद्वाज परिवार की सिनेमा में तीसरी पीढ़ी की नुमाइंदगी करने उतरे आसमान से उन दर्शकों को खास उम्मीदें हैं जो अपराध श्रेणी की उन कहानियों को खास पसंद करते हैं जिनमें न कोई हीरो होता और न विलेन। सब अपने अपने किरदार में अपने हिसाब से जिंदगी जीते हैं। आइए जानते हैं हिंदी सिनेमा के और कौन कौन निर्देशक हैं जो तीसरी पीढ़ी के हैं, शुरुआत आसमान भारद्वाज से…
आसमान भारद्वाज
आसमान भारद्वाज के दादा राम भारद्वाज का भी सिनेमा से नाता रहा है। उन्होंने उषा खन्ना, कल्याण जी आनंद जी और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जैसे संगीतकार की कई फिल्मों में गीत लिखे हैं। पिता से ही प्रेरणा मिलने के बाद विशाल भारद्वाज ने संगीत सीखा और बाद में निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा। आसमान भारद्वाज अपने पिता विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओमकारा’ से जुड़े और वहां से फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखने के बाद न्यूयॉर्क से फिल्म मेकिंग का कोर्स किया। आसमान भारद्वाज के निर्देशन में बनी फिल्म ‘कुत्ते’ 13 जनवरी 2023 को रिलीज होने वाली है।
अयान मुखर्जी
अयान मुखर्जी के दादा शशधर मुखर्जी ने 1930 के दशक में बॉम्बे टॉकीज के साथ अपने करियर की शुरुआत की और बाद में 1943 में संगीतकार मदन मोहन के पिता रायबहादुर चुन्नीलाल, अशोक कुमार और ज्ञान मुखर्जी के साथ फिल्मिस्तान स्टूडियो की नींव डाली। ‘लव इन शिमला’, ‘एक मुसाफिर एक हसीना’, और ‘लीडर’ जैसी फिल्में बनाने वाले शशधर मुखर्जी के बेटे देब मुखर्जी बतौर अभिनेता ‘तू ही मेरी जिंदगी’, ‘आंसू बन गए फूल’, ‘बातों बातों’ में जैसी कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। अयान मुखर्जी को सिनेमा अपने पिता देब से विरासत मिलाथ उन्होंने बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत ‘वेक अप सिड’ से की थी। उनके निर्देशन में बनी फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र-शिवा पार्ट वन’ इस साल की सबसे सफल हिंदी फिल्म रही है।
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रोहन सिप्पी
रोशन सिप्पी के दादा जी पी सिप्पी ने ‘शोले’ जैसी कालजयी फिल्म बनाई। इस फिल्म का निर्देशन रोहन सिप्पी के पिता रमेश सिप्पी ने किया था। रोहन सिप्पी ने भी अपने पिता के नक्शे कदम चलते हुए फिल्म निर्देशन में कदम रख। रोहन सिप्पी ने बतौर निर्देशक अपने कैरियर की शुरुआत साल 2003 में प्रदर्शित फिल्म ‘कुछ ना कहो’ से की थी। इस फिल्म में अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इसके अलावा रोहन सिप्पी ‘ब्लफमास्टर’, ‘चांदनी चौक टू चाइना’, ‘दम मारो दम’ जैसी फिल्में बना चुके हैं।
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रजत रवैल
‘मेरे महबूब’, ‘महबूब की मेंहदी’, ‘लैला मजनू’ जैसी रोमांटिक फिल्मों के निर्देशक एच एस रवैल की तीसरी पीढ़ी के रजत रवैल ने ‘जमीर’, ‘दिल ने फिर याद किया’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। रजत रवैल ने ‘बॉडीगार्ड’, ‘गली गली चोर है’ जैसी फिल्मों में अभिनय के अलावा ‘नो प्रॉब्लम’, ‘रेडी’ जैसी फिल्मों का निर्माण भी किया है। रजत रवैल के पिता राहुल रवैल ने ‘लव स्टोरी’ में कुमार गौरव और विजयेता पंडित, ‘बेताब’ में सनी देओल और अमृता सिंह, ‘बेखुदी’ में काजोल के बाद ‘और प्यार हो गया’ में ऐश्वर्या राय को लांच किया था।
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