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ईरान मुद्रा रियाल रिकॉर्ड गिरावट: दुनिया के कई देशों में मंदी के आसार नजर आ रहे हैं और इस बीच कुछ देशों की स्थिति हद से ज्यादा खराब हो गई है। ऐसा ही हाल ईरान का हुआ है, जहां मुद्रा (कर अधिकार) में रिकॉर्ड गिरावट आई है और एक डॉलर की कीमत 3.86 लाख तक पहुंच गई है। अमेरिकी डॉलर के शेख़ ईरान की मुद्रा सबसे निचले पायदान पर है और यहां एक डॉलर 3.95 हज़ार रियाल तक है।
3.86 लाख में डॉलर में बदलाव कर रहे कारोबारी
तेहरान में कारोबारी रियाल (ईरान मुद्रा रियाल) को डॉलर (डॉलर) के पहुंच करीब 3.86 लाख रियाल में परिवर्तन कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, 11 दिसंबर को कारोबारी 3.7 लाख पर, जबकि 8 दिसंबर को एक डॉलर को 3.68 लाख में बदला जा रहा था।
4 साल पहले 65 हजार डॉलर की कीमत थी
बता दें कि अमेरिका के परमाणु समझौते से बाहर आना और ईरान पर प्रोटोकॉल को लागू करने से पहले मई 2018 में डॉलर के साथ जापान ईरान की मुद्रा रियाल करीब 65 हजार पर कारोबार कर रही थी। जबकि, 2015 के परमाणु समझौते के समय ईरान की मुद्रा (रियाल) डॉलर के जापान 32000 रियाल पर कारोबार कर रही थी।
सेंट्रल बैंक के गवर्नर ने बताई कीमत बढ़ने की वजह
ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अली सालेहाबादी ने रियाल (रियाल) रिकॉर्ड में गिरावट के पीछे कुछ हद तक सरकार विरोधी प्रदर्शनों को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी एकता और सरकार विरोधी प्रदर्शन की वजह से पिछले दो महीनों में ईरानी मुद्रा कमजोर हुई है।’ इसे मजबूत करने को लेकर दावे जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए सालेहाबादी ने कहा कि रियाल को उठाने के लिए बाजार में डॉलर लाया जा रहा है।’
डॉलर-सोना पकड़ने की कोशिश कर रहे लोग
ईरानी मुद्रा रियाल (ईरान की मुद्रा रियाल) की रिकॉर्ड गिरावट के बाद लोगों को भविष्य की चिंता सताने लगी है और लोग हर हाल में अपने बचत को सुरक्षित रखने में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए लोग डॉलर और सोना लेने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार के प्रदर्शन के 20 साल बाद गिरा रियाल
ईरान में महसा अमीनी की मौत के बाद प्रदर्शन शुरू होने के बाद रियाल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और इसमें करीब 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। बता दें कि ईरान पुलिस ने 13 सितंबर को 22 साल महसा अमीनी को हिजाब में कैद नहीं किया था और 16 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद विशेष रूप से प्रदर्शन शुरू हो गए थे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, सरकार के विरोध प्रदर्शनों में अब तक 495 कार्यकर्ताओं समेत 68 नाबालिग प्रदर्शन में मारे गए हैं और 18 हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए हैं। इसके अलावा 62 सुरक्षाबलों की भी मौत हुई है।
(इनपुट- न्यूज एजेंसी आपा)
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