Home World Coronavirus Zombie Infection: संक्रमित की डेड बॉडी से भी फैल सकता है कोरोना, ‘जॉम्बी इन्फेक्शन’ की चेतावनी से दुनिया में दहशत

Coronavirus Zombie Infection: संक्रमित की डेड बॉडी से भी फैल सकता है कोरोना, ‘जॉम्बी इन्फेक्शन’ की चेतावनी से दुनिया में दहशत

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Coronavirus Zombie Infection: संक्रमित की डेड बॉडी से भी फैल सकता है कोरोना, ‘जॉम्बी इन्फेक्शन’ की चेतावनी से दुनिया में दहशत

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कोरोना मौत टोल: दुनिया में एक बार फिर कोरोना को लेकर चिंता पैदा हुई है। चीन में हालात हर रोज खराब से बदतर हो रहे हैं। कई देशों में इसे देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच वैज्ञानिकों ने हैरान करने वाला खुलासा किया है। उनका कहना है कि लोग कोरोना के कारण जॉनी इंफेक्शन का शिकार हो सकते हैं। जॉम्बी इन्फेक्शन यानी वो स्थिति जब किसी बीमारी के संपर्क में आने के कारण स्वस्थ संक्रमण हो जाता है और दूसरों में वह बीमारी आगे फैल जाती है।

इन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है

जानकारों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति की कोविड से मौत होती है तो डेडबॉडी से भी संक्रमण हो सकता है। नए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। जो लोग शवों का सेटलमेंट करते हैं, उसकी चक्‍कर में आने की सबसे ज्‍यादा संभावना है। पैथोलॉजीज, मेडिकल एजाजमिनर्स, हेल्थ केयरवर्कर के अलावा जो भी अस्पताल या नर्सिंग होम्स में काम करते हैं, जहां फंड से जुड़ी कानूनी शर्तें होती हैं, उनके लिए खतरा होता है। इस स्थिति में जोखिम से जुड़े मामले सबसे ज्यादा जिम्मेदार होंगे।

वैज्ञानिक ऐसे व्यापक को सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं, जहां कोविड से मौत हो रही है। जापान के चिबा यूनिवर्सिटी के रिसर्चर हिसाको सैतोह ने कहा, ‘कुछ देशों में जिन लोगों की जांच से मौत हुई है या तो यूं ही छोड़ दिया गया या फिर घर वापस ले जाया गया।’ सतोह ने हाल ही में इस बीमारी पर दो अध्ययन प्रकाशित किए हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह ऐसी जानकारी है, जिसके बारे में आम जनता को होना चाहिए।’

मरने के बाद भी गतिविधियां वायरस के अंश थीं

साल 2020 में जापान सरकार ने शोक के साथ डेडबॉडी को दूर रहने के साथ-साथ टच करने और न देखने को भी कहा था। शवों को बैग में सील कर 24 घंटे के भीतर जल्द से जल्द अंतिम संस्कार करने की भी दी गई थी। अध्ययन में कई लोगों की मौत के 17 दिन बाद तक लाशों में संक्रामक वायरस पाए गए। डॉक्टर सतोह और उनके साथियों ने कोविड से मरने वाले 11 लोगों की नाक और फेफड़ों के जिम्मेदारों की जांच की। उन्होंने पाया कि 11 में से छह शवों में कोरोना वायरस के सक्रिय अंश मरने के 13 दिन बाद भी पाए गए। वैज्ञानिकों ने कहा, लोगों में भ्रमण की संभावना सबसे अधिक तब होती है जब कोई प्राप्तकर्ता होने के तुरंत बाद मर जाता है, उस व्यक्ति के शरीर में वायरस का स्तर बहुत अधिक होता है।

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