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वैष्णो देवी धाम
– फोटो : अमर उजाला
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देश में बढ़ते कारोना के मामलों और नववर्ष पर माता वैष्णो देवी में भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना के मद्देनजर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड अलर्ट हो गया है। इसके मद्देनजर सभी भक्तों को दर्शन के दौरान एसओपी का पालन करना होगा। बिना मास्क पहने किसी भी श्रद्धालु को दर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी।
अटका आरती में भी सभी हितधारकों को मास्क पहनकर बैठना होगा। इसके साथ ही आरएफआईडी कार्ड न होने पर भी यात्रियों को वापस लौटा दिया जाएगा।श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सदस्य सुरेश कुमार की अध्यक्षता में अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के अफसरों ने बैठक कर रणनीति बनाई।
इसमें कोविड एसओपी का पालन करने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर मंथन किया गया। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग ने नववर्ष के आगमन पर भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर उठाए गए उचित कदमों के बारे में जानकारी दी।
इस बार यात्रियों के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। प्रभावी भीड़ प्रबंध, भवन में निकासी मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ सीसीटीवी कैमरों से कटड़ा से भवन तक पूरे मार्ग में निगरानी की जाएगी।
सीईओ ने सुनिश्चित किया कि बिना आरएफआईडी कार्ड के किसी भी यात्री को दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सुचना केंद्रों के माध्यम से भक्तों को बताया जा रहा है कि वे आधार शिविर कटड़ा में पंजीकरण कक्ष से आरएफआईडी रजिस्टेशन के बाद ही यात्रा शुरू करें।
इसके बिना उन्हें रास्ते में ही रोक लिया जाएगा। श्राइन बोर्ड ने यात्रा पूरी करने के बाद इस कार्ड को वापस करने के लिए कहा है। कार्ड वापस न करने वाले यात्रियों को 100 रुपये जुर्माना किया जाएगा। बोर्ड के सदस्य सुरेश कुमार शर्मा ने सभी हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर बेहतर भीड़ नियंत्रण करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी किए।
सीआरपीएफ के पुलिस महानिरीक्षक पीएस रणपाइस ने नव वर्ष पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा बलों के समक्ष चुनौतियों को दर्शाया। बैठक में सीआरपीएफ के डीआईजी मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवनीत सिंह, कटड़ा के एसपी अमित भसीन भी मौजूद रहे।
बीते साल 31 दिसंबर की रात मची थी भगदड़, 13 श्रद्धालुओं की हुई थी मौत
बता दें कि बीते साल 31 दिसंबर की रात माता वैष्णो देवी के दरबार में बड़ा हादसा हुआ था। उस रात भवन में मची भगदड़ में 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि 13 अन्य घायल हुए थे। यह वाक्या दोबारा न दोहरा जाए, इसके लिए श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं।
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