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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
– फोटो : ANI
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को क्रिसमस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को बधाई दी और कहा कि यह त्योहार हमें एकदूसरे के प्रति दया और प्रेम की भावना रखने की प्रेरणा देता है। राष्ट्रपति ने एक संदेश में कहा कि क्रिसमस का यह पावन त्योहार सम्पूर्ण मानव जाति के लिए शांति और भाईचारे का प्रतीक है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, इस दिन हम प्रभु यीशु मसीह के करुणा और बलिदान के संदेश को याद करते हैं। यह त्योहार हमें एकदूसरे के प्रति दया और प्रेम की भावना रखने की प्रेरणा देता है। आइए, हम प्रभु यीशु मसीह के पवित्र आदर्शों व शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें। राष्ट्रपति ने कहा, मैं सभी देशवासियों, विशेषकर ईसाई भाइयों और बहनों को क्रिसमस के त्योहार की हार्दिक बधाई देती हूं।
प्रकृति के राजदूत बनें भारतीय वन सेवा के अधिकारी : धनखड़
मानव जाति पृथ्वी ग्रह को अपने विशेषाधिकार के रूप में नहीं ले सकती। यह बात उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन पर चिंता व्यक्त करते हुए कही। वह शनिवार को भारतीय वन सेवा 2021 के परिवीक्षा अधिकारियों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को एकजुट होना होगा। वन सेवा अधिकारी अपने कार्यकाल में भारतीय प्रकृति की रक्षा में आदिवासी संस्कृति से परिचित होंगे, उसका अनुभव करेंगे। वन भारतीय, परंपराओं, विचार और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। भारत दुनिया के उन 10 देशों में शीर्ष पर हैं जहां अकूत वन संपदा है। इसलिए उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि वह प्रकृति की सेवा करके खुद को प्रकृति का राजदूत बनाएं।
पर्यावरण संरक्षण में आ रही कमी पर धनखड़ ने कहा, पर्यावरण क्षरण मानव लालच के कारण हो रहा है। इससे ग्राम समाज की भूमि और प्राकृतिक तालाब जैसी संरचनाएं लगातार घट रही हैं। संविधान में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों में वनों की सुरक्षा और संरक्षण को शामिल किया गया है। नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों जैसे पर्यावरण की सुरक्षा और जीवों के प्रति दया को शामिल करने के लिए संविधान में संशोधन किया गया था।
ममता बनर्जी ने की प्रार्थना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में कैथेड्रल ऑफ द मोस्ट होली रोजरी पहुंची यहां उन्होंने प्रार्थना की।
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