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Bomb Cyclone: सबसे घातक मौसमी आपदाओं में एक कहा जा रहा ‘बम चक्रवात’ क्या है, आम जिंदगी पर इसका कितना असर?

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Bomb Cyclone: सबसे घातक मौसमी आपदाओं में एक कहा जा रहा ‘बम चक्रवात’ क्या है, आम जिंदगी पर इसका कितना असर?

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कहर बना 'बम चक्रवात'

कहर बना ‘बम चक्रवात’
– फोटो : सोशल मीडिया

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अमेरिका में बर्फीले चक्रवाती तूफान ”बम” के चलते अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बर्फीले तूफान ने यहां भारी तबाही मचाई है। क्रिसमस के दौरान आए बर्फीले तूफान से देश के करीब 20 करोड़ लोग बुरी तरह प्रभावित हैं। न्यूयॉर्क और मोटाना जैसे शहरों में तापमान माइनस 45 डिग्री तक पहुंच गया है। अमेरिका के साथ दुनिया में कई जगह बर्फीली हवाओं और तूफान के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।  

आइये जानते हैं कि यह ‘बम चक्रवात’ क्या है? ‘बम चक्रवात’ के कारण कहां क्या हुआ? कौन से इलाके इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं? तूफान के चलते कहां क्या बंद करना पड़ा है? 
 
‘बम चक्रवात’ क्या है?
 अमेरिका और कनाडा में आए इस भयंकर तूफान को पूर्वानुमानकर्ताओं ने सामान्य मौसम की घटनाओं से अलग बताया है और इसका नाम ‘बम चक्रवात’ दिया है। यह एक बेहद ताकतवर तूफान है। ऐसे तूफान में तेज हवाओं के साथ जो कई क्षेत्रों में भारी हिमपात या बारिश होती है। बम चक्रवात की स्थिति श्रेणी-1 चक्रवात जैसी ही होती है। और ज्यादा सरल शब्दों में कहें तो, ‘बम चक्रवात’ एक तूफान है जो तेज गति से मजबूत होता है। इस तरह के अधिकांश तूफान समुद्र के ऊपर आते हैं। इस तूफान की प्रकृति उष्णकटिबंधीय या गैरउष्णकटिबंधीय हो सकती है। 
 ‘बम चक्रवात’ के कारण क्या हुआ है?
 ‘बम चक्रवात’ के कारण अमेरिका में 60 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा प्रभावित न्यूयॉर्क और मोटाना जैसे शहर हैं जहां तापमान मायनस 45 डिग्री तक पहुंच गया है। अमेरिका के पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में अब भी बर्फीले तूफान की स्थिति बनी हुई है। पिछले कई दिनों से अमेरिका इससे जकड़ा हुआ है। लाखों घरों की बिजली गुल है, आवाजाही ठप है और चारों ओर बर्फ जमी है। नौ राज्यों में कम से कम 60 मौतें हुई हैं। आइओवा, विस्कोन्सिन, मिनेसोटा और मिशिगन में भी हालात खराब हैं। 
न्यूयॉर्क में 30 से 40 इंच मोटी बर्फ की परत
न्यूयॉर्क के गवर्नर कैथी होचुल ने मीडिया को बताया कि यह सदी का भयावह बर्फीला तूफान है। पश्चिमी न्यूयॉर्क के इलाके 30 से 40 इंच मोटी बर्फ से ढके हैं। होचुल ने राष्ट्रपति जो बाइडन से फोन पर बात कर उनसे मदद की गुहार लगाई। बाइडन ने कहा कि संघीय सरकार पूरी मदद करेगी। राष्ट्रपति और जिल बाइडन तूफान में प्रियजनों को खोने वालों के लिए प्रार्थना की। 
16,000 से अधिक उड़ानें रद्द
क्रिसमस के मौके पर काफी यात्री हवाई अड्डों पर फंसे रहे। उनकी फ्लाइट या तो रद्द हो गई थी या फिर उनके उड़ानों में देरी थी। अटलांटा, शिकागो, डेनेवर, डेट्रॉयट और न्यूयॉर्क तक एयरपोर्ट्स का बुरा हाल था। बफैलो एयरपोर्ट को बंद रखा गया। गुरुवार से सोमवार की सुबह तक 16,000 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं, और यह तब हुआ जब साल में सबसे ज्यादा इसी समय विमानन सेवाएं व्यस्त होती हैं। बफेलो नियाग्रा सहित कई हवाई अड्डे समय-समय पर बंद रहे। तूफान की वजह से सिएटल तक बिजली गुल रही। लेकिन काफी मशक्कत के बाद हीटिंग और बिजली को अमेरिका में बहाल कर लिया गया। 
बफेलो में ड्राइविंग पर बैन 
अमेरिका में इस तूफान से बफेलो क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने कहा, यह 1977 के बर्फीले तूफान के बाद से शहर की सबसे घातक आधुनिक मौसम की घटनाओं में से एक है। मृतक लोगों की संख्या अभी भी बढ़ सकती है। 
बर्फ से भरी सड़कों ने मंगलवार को बफेलो में राज्य और सैन्य पुलिस को न्यूयॉर्क के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले शहर के भीतर ड्राइविंग प्रतिबंध लागू करने के लिए मजबूर कर दिया। एरी काउंटी के कार्यकारी मार्क पोलोनकार्ज ने चेतावनी दी कि बफेलो के प्रवेश द्वारों और प्रमुख चौराहों पर पुलिस को तैनात किया जाएगा।
10 से ज्यादा राज्यों में अलर्ट 
राष्ट्रीय मौसम सेवा के मुताबिक, 43 इंच तक बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। बफेलो में एक घंटे तक 2 से 3 इंच की बर्फबारी होती रही। न्यूयॉर्क को बर्फबारी से फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने 14 इंच बर्फबारी का अनुमान लगाया है। यह पहले से बर्फ में दबे शहर की मुश्किलें बढ़ा सकता है। 
लगभग एक दर्जन राज्यों में तूफान से जारी बर्फीले तूफान के कारण अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें मोंटाना, नॉर्थ डकोटा, साउथ डकोटा, मिनेसोटा, आयोवा, इंडियाना, मिशिगन, नेब्रास्का, विस्कॉन्सिन और न्यूयॉर्क शामिल हैं।
कार में मिले शव, हाथ बाहर निकालते ही जम रही बर्फ
कुछ अमेरिकी क्षेत्रों में स्थिति ऐसी है कि दरवाजे से हाथ बाहर निकालते ही उस पर बर्फ सी जम जा रही है। बफेलो सिटी में एरी झील तक जम गई है। यहां कुछ लोगों के शव कार में मिले तो कुछ बर्फ में दबे हुए पाए गए। मौसम सेवा ने सलाह दी है कि जो लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं, वो ठीक तरह से कपड़े पहनकर रहें। जितना संभव हो सके अपने चेहरे और त्वचा को कवर करके रहें। साथ ही कार में सेफ्टी किट्स जरूर लेकर चलें। पूरे हफ्ते मौसम इसी तरह से रहेगा और लोगों को घरों में ही रहने की हिदायत दी गई है।
 

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अमेरिका में बर्फीले चक्रवाती तूफान ”बम” के चलते अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बर्फीले तूफान ने यहां भारी तबाही मचाई है। क्रिसमस के दौरान आए बर्फीले तूफान से देश के करीब 20 करोड़ लोग बुरी तरह प्रभावित हैं। न्यूयॉर्क और मोटाना जैसे शहरों में तापमान माइनस 45 डिग्री तक पहुंच गया है। अमेरिका के साथ दुनिया में कई जगह बर्फीली हवाओं और तूफान के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।  

आइये जानते हैं कि यह ‘बम चक्रवात’ क्या है? ‘बम चक्रवात’ के कारण कहां क्या हुआ? कौन से इलाके इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं? तूफान के चलते कहां क्या बंद करना पड़ा है? 

 



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