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गडकरी ने यह भी कहा कि उनका मंत्रालय अगले साल पांच लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम करेगा। इसमें दो लाख करोड़ रुपये सरकार से और शेष पूंजी बाजार से जुटायी जाएगी।
उन्होंने उद्योग मंडल मर्चेन्ट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के ऑनलाइन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “फिलहाल वाहन उद्योग का आकार 7.5 लाख करोड़ रुपये है और हम इसे 2024 तक 15 लाख करोड़ रुपये करना चाहते हैं। इसके साथ भारत इस क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल होगा।”
गडकरी ने यह भी कहा कि 2030 तक ज्यादातर वाहन वैकल्पिक ईंधनों पर चलेंगे।
उन्होंने कहा, “हम बायो-एथनॉल, बायो-सीएनजी, बायो-एलएनजी और हरित हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक, स्वच्छ और हरित ईंधन विकसित करने पर भी काम कर रहे हैं।” गडकरी ने कहा कि हरित हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन होगा।
InvIT कर सकते हैं सीधे निवेश
गडकरी ने इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) की लिस्टिंग की कामयाबी के बारे में बात करते हुए कहा, “InvIT म्यूचुअल फंड की तरह ही एक कलेक्टिव इन्वेस्मेंट स्कीम है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इंडीविजुअल और इंडस्ट्रियल इनवेस्टर्स सीधे निवेश कर सकते हैं। ये स्कीम इनकम के छोटे से हिस्से से डायरेक्ट इनवेस्मेंट को रिटर्न हासिल करने के लिए को सक्षम बनाता है।
फंडिंग की समस्या नहीं
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के इन्वेस्मेंट करने के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “छोटे निवेशकों को 8 प्रतिशत रिटर्न मिल रहा है, जो बैंकों से बेहतर है। हमें फंडिंग की कोई समस्या नहीं है। अगले साल हम 5 लाख करोड़ रुपये का काम करेंगे।”
रिसाइकिल सामग्री को मिलेगा बढ़ावा
गडकरी ने कहा कि कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में हम निर्माण लागत (मेकिंग कॉस्ट) कम करते हुए क्वालिटी बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। इसके लिए प्लास्टिक और रबर जैसे अन्य रिसाइकल हो सकने वाला मटेरियल ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किए जाएंगे। ये प्रॉडक्ट सीमेंट और स्टील के इस्तेमला को कम करने के साथ लागत को भी कम करेंगे।
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