Home Sports टीम इंडिया के लिए जीत के साथ खत्म हुआ पिछला साल, 2023 में भारतीय क्रिकेट में देखने को मिल सकते हैं 3 बड़े बदलाव

टीम इंडिया के लिए जीत के साथ खत्म हुआ पिछला साल, 2023 में भारतीय क्रिकेट में देखने को मिल सकते हैं 3 बड़े बदलाव

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टीम इंडिया के लिए जीत के साथ खत्म हुआ पिछला साल, 2023 में भारतीय क्रिकेट में देखने को मिल सकते हैं 3 बड़े बदलाव

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हाइलाइट्स

भारतीय क्रिकेट में 2023 में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं
श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए चुनी गई टीम से हुआ साफ

नई दिल्ली. नया साल आ ही गया…हर बार की तरह इस साल से भी उम्मीदें होंगी. खासतौर पर भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए तो यह साल अहम है. क्योंकि यह वर्ल्ड कप वाला साल है. इस साल भारत में ही वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है. पिछली बार 2011 में हम घर में ही 28 साल के इंतजार के बाद वर्ल्ड चैंपियन बने थे. इसके बाद से टीम इंडिया के हाथ खाली ही हैं. भारत न तो टी20 और न ही वनडे का विश्व कप जीत पाया. पिछले साल भी टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल से बाहर हो गया. इसलिए इस बार घर में विश्व कप होने से जीत की उम्मीदें ज्यादा हैं.

भारत ने भले ही 2022 की शुरुआत हार से की थी. लेकिन, अंत जीत से हुआ. जीत की इस लय को 2023 में बरकरार रखना है तो बदलाव जरूरी होगा. श्रीलंका के खिलाफ 2 दिन बाद शुरू होने वाली घरेलू टी20 और वनडे सीरीज के लिए चुनी गई टीम से इस बदलाव की झलक मिलनी भी शुरू हो गई है. श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए रोहित शर्मा के स्थान पर हार्दिक पंड्या को कप्तान बनाया गया है.

अब यह फैसला रोहित के पूरी तरह चोट से न उबरने की वजह से लिया गया है या इसके पीछे भारतीय क्रिकेट का भविष्य है, यह देर-सवेर साफ हो ही जाएगा. लेकिन, यह तय है कि पहले कुछ महीनों में भारतीय क्रिकेट में 3 बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. आइए एक-एक कर उन बदलावों के बारे में जानते हैं.

पहला बदलाव: स्प्लिट कैप्टेंसी
आसान शब्दों में समझें तो एक ही देश की क्रिकेट टीम के अलग-अलग फॉर्मेट में अलग कप्तान रखना ही स्प्लिट कैप्टेंसी है. भारतीय क्रिकेट के लिए यह नया नहीं है. पहले भी कई बार इस फॉर्मूले को आजमाया जा चुका है. 5-6 साल पहले महेंद्र सिंह धोनी वनडे और विराट कोहली टेस्ट के कप्तान रहे थे. इससे पहले, 2007-08 में अनिल कुंबले और एमएस धोनी के बीच भी कप्तानी का बंटवारा हो चुका है. तब कुंबले टेस्ट जबकि धोनी वनडे टीम की कमान संभालते थे. अब, फिर से भारतीय क्रिकेट में कप्तानी में बदलाव देखने को मिल सकता है. कम से कम टी20 में तो ऐसा जरूर ऐसा हो सकता है.

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युवा टी20 टीम नजर आएगी
सेलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए जो टीम चुनी है, उससे तो यही नजर आ रहा है. इस टीम में रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली, मोहम्मद शमी, आर अश्विन, भुवनेश्वर कुमार जैसे सीनियर खिलाड़ी नहीं हैं. कप्तान भी हार्दिक को बनाया गया है और उपकप्तानी की जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव को सौंपी गई है, जो पिछले साल टी20 के सुपरस्टार खिलाड़ी बनकर उभरे हैं.

ऐसी खबरें भी आई हैं कि बीसीसीआई ने सीनियर खिलाड़ियों को यह बता दिया है कि अब टी20 की प्लानिंग का वो हिस्सा नहीं हैं. 2024 के टी20 विश्व कप के लिए अब युवाओं को मौका मिलेगा.

हार्दिक भविष्य के लिमिटेड ओवर कप्तान होंगे
बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर हार्दिक को टी20 का कप्तान बनाने का ऐलान नहीं किया है. लेकिन, जिस तरह के बदलाव टीम में हुए हैं, उसे देखकर तो यह अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं कि 2024 की तैयारी उन्हीं की अगुवाई में शुरू होने जा रही है. इसकी एक वजह यह भी है कि केएल राहुल के स्थान पर हार्दिक पंड्या को श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुनी गई टीम का उपकप्तान बनाया गया है. यानी बीसीसीआई की सोच साफ है कि हार्दिक लिमिटेड ओवर क्रिकेट में भविष्य के कप्तान होंगे.

आगे नहीं तो पीछे, बीसीसीआई पंड्या के नाम का औपचारिक ऐलान भी कर ही देगी. अगर ऐसा होता है तो भारतीय क्रिकेट में आधिकारिक तौर पर स्प्लिट कैप्टेंसी का फॉर्मूला अमल में आ जाएगा. रोहित शर्मा कम टेस्ट और वनडे में टीम की कमान संभालेंगे और हार्दिक टी20 में. रोहित को इस साल वनडे की कप्तानी से शायद ही हटाया जाएगा क्योंकि विश्व कप में अब 10 महीने का ही वक्त बचा है.

दूसरा बदलाव: स्प्लिट कोचिंग 
कप्तानी के साथ-साथ कोचिंग में भी यही फॉर्मूला अमल में लाया जा सकता है. इसकी संभावना बेहद ज्यादा है. राहुल द्रविड़ 2021 के टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम के हेड कोच बने थे. वो तीनों ही फॉर्मेट में यह जिम्मेदारी निभा रहे हैं. लेकिन, उनकी कोचिंग में मल्टी नेशन या आईसीसी टूर्नामेंट में भारत की नाकामी का सिलसिला नहीं थमा.

ऑस्ट्रेलिया में पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में हुए टी20 वर्ल्ड में भारत सेमीफाइनल से बाहर हो गया और इससे ठीक पहले टी20 फॉर्मेट में हुए एशिया कप में भी जीत का सबसे मजबूत दावेदार होने के बावजूद भारत फाइनल तक में नहीं पहुंच सका. हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा. इस सीरीज में भारत की हार से ज्यादा चर्चा अनफिट खिलाड़ियों को लेकर हुई. सीरीज से पहले और इसके दौरान कई खिलाड़ी चोटिल होकर बाहर हो गए. खुद कप्तान रोहित शर्मा ने भी इसपर नाराजगी जताई.

इसके बाद से ही स्प्लिट कोचिंग को लेकर भी आवाज उठनें लगी. बीसीसीआई में भी इसे लेकर चर्चा हो रही है. क्योंकि कई देशों में यह फॉर्मूला कामयाब रहा. खासतौर पर इंग्लैंड की टीम तो इसी फॉर्मूले को आजमाकर टेस्ट और लिमिटेड ओवर क्रिकेट में धमाकेदार प्रदर्शन कर रही है.

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भारतीय क्रिकेट टीम के लिए यह इसलिए भी जरूरी है कि क्योंकि सबसे ज्यादा क्रिकेट खेलने वाले दो-तीन देशों में भारत भी है. ऐसे में द्रविड़ के ऊपर वर्कलोड ज्यादा है. ऐसे में अगर स्प्लिट कोचिंग को अमल में लाया जाता है तो इसका फायदा होगा.

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तीसरा बदलाव: एक-एक कर सीनियर खिलाड़ियों की होगी विदाई
वहीं, तीसरा बड़ा बदलाव सीनियर खिलाड़ियों की विदाई से जुड़ा है. श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए जो टीम चुनी गई है. उसमें आर अश्विन, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, दिनेश कार्तिक जैसे सीनियर खिलाड़ियों के नाम नहीं हैं. यानी यह अब साफ हो गया है कि बीसीसीआई धीरे-धीरे सीनियर खिलाड़ियों की विदाई करता जाएगा. कम से कम टी20 और वनडे में तो अब पूरी तरह युवा टीम इंडिया ही नजर आएगी.

Tags: Hardik Pandya, India Vs Sri lanka, Rahul Dravid, Rohit sharma, Team india, Virat Kohli

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