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आरपी ईश्वरन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हां, मुझे नहीं लगता कि ऐसे कई उदाहरण हैं, लेकिन मेरे लिए यह कोई उपलब्धि नहीं है. हां, यह अच्छा लगता है लेकिन असली उपलब्धि तब होगी, जब मेरा बेटा भारत के लिए 100 टेस्ट खेल सके. मैंने यह स्टेडियम सिर्फ अपने बेटे के लिए नहीं बल्कि खेल के प्रति अपने जुनून के लिए बनाया है.” (Abhimanyu Easwaran/Instagram)
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