Home Breaking News Jammu Kashmir: राजोरी के डांगरी में आईईडी ब्लास्ट, धमाके में दो बच्चों की मौत, चौक पर हो रहा था प्रदर्शन

Jammu Kashmir: राजोरी के डांगरी में आईईडी ब्लास्ट, धमाके में दो बच्चों की मौत, चौक पर हो रहा था प्रदर्शन

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Jammu Kashmir: राजोरी के डांगरी में आईईडी ब्लास्ट, धमाके में दो बच्चों की मौत, चौक पर हो रहा था प्रदर्शन

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Rajouri

Rajouri
– फोटो : संवाद

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जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले के डांगरी इलाके में आईईडी ब्लास्ट की खबर है। इसमें दो बच्चों की मौत हो गई है। रविवार को आंतकियों ने इस इलाके में लक्षित हत्याओं को अंजाम दिया है। सोमवार सुबह इसे लेकर स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच एक धमाका हुआ है।

डांगरी गांव जिला जेल परिसर के पास पड़ता है। गांव थोड़ी ऊंचाई पर है और घर भी यहां एक दूसरे से कुछ दूरी पर हैं, लेकिन जिस तरह से करीब दो सप्ताह में दो बड़ी वारदातें हुई हैं, इससे सुरक्षा एजेंसियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। डांगरी के सरपंच धीरज शर्मा ने कहा, यह हमला पूरे सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े करता है। इलाके में लोग बेहद दहशत में हैं। कई तरह की सूचनाएं पहले से भी मिलती रही हैं। इसके बावजूद आतंकियों को समय पर पकड़ा नहीं गया, जिससे आज इतनी बड़ी वारदात हो गई। 

आतंकियों का रूट रहा है डांगरी से सटा जंगल क्षेत्र
डांगरी गांव ऊंचाई पर है, जिसके एक तरफ सरानू पोठा के घने जंगल हैं। आतंकियों के लिए यह जंगल क्षेत्र आवाजाही का रूट रहा है। नौशेरा क्षेत्र से घुसपैठ कर आतंकी सरानू पोठा जंगल और उसके साथ लगते कंग, बुद्धल से होकर कालाकोट पहुंचते थे। संवेदनशील इलाका होने की वजह से कई बार इस जंगल को भी खंगाला जा चुका है।

टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी  
भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से सटे राजोरी जिले में नकाबपोश दो आतंकियों ने अल्पसंख्यक मोहल्ले में अंधाधुंध फायरिंग कर एक युवक समेत चार लोगों की हत्या कर दी। मरने वालों की पहचान दीपक कुमार (23), सतीश कुमार (45) एक्समैन और प्रीतम लाल (56) सभी निवासी डांगरी के रूप में हुई है। एक अन्य व्यक्ति की मौत बाद में अस्पताल में हो गई। आतंकियों ने पहले एक घर में घुसकर आधार कार्ड देखे और फिर फायरिंग कर दी।  टीआरएफ ने हमले की जिम्मेदारी ली है। 
 

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले के डांगरी इलाके में आईईडी ब्लास्ट की खबर है। इसमें दो बच्चों की मौत हो गई है। रविवार को आंतकियों ने इस इलाके में लक्षित हत्याओं को अंजाम दिया है। सोमवार सुबह इसे लेकर स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच एक धमाका हुआ है।

डांगरी गांव जिला जेल परिसर के पास पड़ता है। गांव थोड़ी ऊंचाई पर है और घर भी यहां एक दूसरे से कुछ दूरी पर हैं, लेकिन जिस तरह से करीब दो सप्ताह में दो बड़ी वारदातें हुई हैं, इससे सुरक्षा एजेंसियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। डांगरी के सरपंच धीरज शर्मा ने कहा, यह हमला पूरे सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े करता है। इलाके में लोग बेहद दहशत में हैं। कई तरह की सूचनाएं पहले से भी मिलती रही हैं। इसके बावजूद आतंकियों को समय पर पकड़ा नहीं गया, जिससे आज इतनी बड़ी वारदात हो गई। 

आतंकियों का रूट रहा है डांगरी से सटा जंगल क्षेत्र

डांगरी गांव ऊंचाई पर है, जिसके एक तरफ सरानू पोठा के घने जंगल हैं। आतंकियों के लिए यह जंगल क्षेत्र आवाजाही का रूट रहा है। नौशेरा क्षेत्र से घुसपैठ कर आतंकी सरानू पोठा जंगल और उसके साथ लगते कंग, बुद्धल से होकर कालाकोट पहुंचते थे। संवेदनशील इलाका होने की वजह से कई बार इस जंगल को भी खंगाला जा चुका है।

टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी  

भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से सटे राजोरी जिले में नकाबपोश दो आतंकियों ने अल्पसंख्यक मोहल्ले में अंधाधुंध फायरिंग कर एक युवक समेत चार लोगों की हत्या कर दी। मरने वालों की पहचान दीपक कुमार (23), सतीश कुमार (45) एक्समैन और प्रीतम लाल (56) सभी निवासी डांगरी के रूप में हुई है। एक अन्य व्यक्ति की मौत बाद में अस्पताल में हो गई। आतंकियों ने पहले एक घर में घुसकर आधार कार्ड देखे और फिर फायरिंग कर दी।  टीआरएफ ने हमले की जिम्मेदारी ली है। 

 



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