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नए सपनों, संकल्पों के साथ संगम के शहर में रविवार को लोगों ने नए साल के पहले दिन का दिल खोलकर स्वागत किया। न्यू ईयर सेलिब्रेशन का ऐसा उत्साह वर्षों बाद नजर आया। सुबह लोगों ने सबसे पहले त्रिवेणी संगम पर हाजिरी लगाई। गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के तट पर तीर्थपुरोहितों ने शंखध्वनि के साथ मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर आरती उतारी।
इसी तरह खुसरो बाग, मिंटो पार्क, भरद्वाज मुनि आश्रम में भी तिल रखने की जगह नहीं थी। इसी तरह इलाहाबाद संग्रहालय में वैदिक कालीन संस्कृति के अवशेषों से लेकर आधुनिक काल तक के 70 हजार से अधिक कला संग्रहों को निहारने के लिए दिन भर बच्चों, युवाओं की भीड़ लगी रही।
मंदिरों से लेकर गिरजाघरों तक प्रार्थना के लिए लंबी कतारें
प्रयागराज। मां गंगा, वेणी माधव और बड़े हनुमान से सुख, समृद्धि की कामना के साथ दिन भर अभिषेक किया जाता रहा। इस दौरान त्रिवेणी तट पर दुग्धाभिषेक, आरती और अर्घ्य देकर नए वर्ष के मंगल की कामना की गई। साथ ही मंदिरों में शीश नवाकर साल के प्रथम दिन की शुरुआत करने के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। उधर, पत्थर गिरजाघर समेत शहर के चर्चों में सुबह मसीही समुदाय के लोगों ने सामूहिक प्रार्थनाएं कीं।
इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट, पातालपुरी, अलोप शंकरी देवी, कल्याणी देवी, मां ललिता देवी के मंदिरों में हाजिरी लगाकर नए साल की शुरुआत की। न्यायविद् हनुमान और हनुमत निकेतन मंदिरों में रात तक लोगों की भीड़ लगी रही।
संगम से लेकर वेणी माधव तक हुए अनुष्ठान
साल के पहले दिन अनुष्ठानों का भी खूब सिलसिला चला। हर किसी ने एक-दूसरे को न्यू ईयर वेलकम कहकर गले लगाया तो देर शाम तक व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिए बधाईयां देने का सिलसिला जोरों से चलता रहा।
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