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भारत में हॉकी विश्व कप का आगाज 13 जनवरी को होगा। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के अलावा राउरकेला में टूर्नामेंट के सारे मैच खेले जाएंगे। फाइनल मुकाबला 29 जनवरी को होगा। टीम इंडिया हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में चुनौती पेश करेगी। भारत को 2018 में भी इस टूर्नामेंट की मेजबानी मिली थी। वह चौथी बार विश्व कप का आयोजन अपने मैदान पर करेगा। इससे पहले 1982 में मुंबई और 2010 में नई दिल्ली को मेजबानी मिली थी।
टीम इंडिया के ऊपर 48 साल के सूखे को समाप्त करने की जिम्मेदारी होगी। भारत 1975 में स्वर्ण पदक जीता था। उसके बाद से पदक की बात तो दूर, टीम इंडिया सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंची है। भारत अब तक तीन बार अंतिम-4 में पहुंचा है। 1971 में वह पहले संस्करण में कांस्य, 1973 में रजत और 1975 में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा था। वह भारतीय हॉकी का स्वर्णिम युग था।
29 साल टॉप-5 में भी नहीं पहुंचा भारत
भारतीय टीम पिछले छह संस्करण में टॉप-5 में नहीं रही है। इस दौरान 2018 में उसका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन सामने आया था। तब टीम इंडिया अपने घरेलू मैदान पर छठे स्थान पर रही थी। उसे क्वार्टरफाइनल में नीदरलैंड के खिलाफ हार मिली थी। 1994 में भारतीय टीम पांचवें स्थान पर रही थी। पिछले 29 सालों में टीम इंडिया का वह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
| साल | प्रदर्शन |
| 1971 | तीसरा स्थान/कास्यं पदक |
| 1973 | दूसरा स्थान/रजत पदक |
| 1975 | पहला स्थान/स्वर्ण पदक |
| 1978 | छठा स्थान |
| 1982 | पांचवां स्थान |
| 1986 | 12वां स्थान |
| 1990 | 10वां स्थान |
| 1994 | पांचवां स्थान |
| 1998 | नौवां स्थान |
| 2002 | 10वां स्थान |
| 2006 | 11वां स्थान |
| 2010 | आठवां स्थान |
| 2014 | नौवां स्थान |
| 2018 | छठा स्थान |
इस बार भारत का किससे मुकाबला?
मेजबान भारत इस बार ग्रुप-डी इंग्लैंड, स्पेन और वेल्स के साथ है। इनमें एफआईएच रैंकिंग में सिर्फ इंग्लैंड की टीम भारत से ऊपर है। भारत छठे और इंग्लैंड पांचवें स्थान पर है। स्पेन आठवें और वेल्स 15वें पायदान पर है। भारत का पहला मुकाबला 13 जनवरी को स्पेन, दूसरा 15 जनवरी को इंग्लैंड और तीसरा 19 जनवरी को वेल्स के खिलाफ होगा।
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