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MCD Mayor Election: पार्षदों ने कुर्सियां फेंकी, हाथापाई भी की,10 बिंदुओं में जानें मेयर चुनाव में क्या हुआ

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MCD Mayor Election: पार्षदों ने कुर्सियां फेंकी, हाथापाई भी की,10 बिंदुओं में जानें मेयर चुनाव में क्या हुआ

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आज दिल्ली में मेयर (MCD Mayor Election) चुनाव के दौरान जमकर हंगामा हुआ। सदन में पीठासीन अधिकारी ने जैसे ही मनोनीत सदस्यों को शपथ ग्रहण कराना शुरू किया, हंगामा हो गया। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि पार्षदों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। कई पार्षद एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकते नजर आए। भाजपा ने आम आदमी पार्टी के पार्षदों पर मारपीट का आरोप लगाया है। दावा है कि कई पार्षदों को चोट भी लगी है। बढ़ते हंगामे को देखते हुए पीठासीन अधिकारी ने चुनाव टाल दिया। अब मेयर चुनाव के लिए उपराज्यपाल फिर से कोई तिथि घोषित करेंगे। आइए दस बिंदुओं में समझते हैं कि आज दिनभर क्या-क्या हुआ और आगे क्या होने के आसार हैं? 

 

1. मेयर चुनाव से पहले उपराज्यपाल ने 10 सदस्यों को किया था मनोनीत

पांच जनवरी को दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की तरफ से 10 पार्षदों को मनोनीत किया गया था। मनोनीत किए गए पार्षदों में विनोद कुमार, लक्ष्मण आर्य, मुकेश मान, महेश सिंह तोमर, राजकुमार भाटिया, मोहन गोयल, संजय त्यागी, राजपाल राणा, कमल जीत सिंह और रोहताश कुमार शामिल हैं। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि ये सभी भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। 

 

2. मेयर और डिप्टी मेयर के लिए कौन-कौन प्रत्याशी? 

आम आदमी पार्टी ने पार्षद शैली ओबेरॉय को मेयर प्रत्याशी बनाया है जबकि भाजपा की ओर से रेखा गुप्ता मैदान में हैं। उपमहापौर पद के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने आले मोहम्मद इकबाल और भाजपा ने कमल बागड़ी को उम्मीदवार बनाया है।

 

3. कांग्रेस ने चुनाव से दूर रहने का लिया था फैसला

मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव से कांग्रेस ने दूर रहने का फैसला लिया था। दिल्ली नगर निगम चुनाव में इस बार कांग्रेस के नौ प्रत्याशियों को जीत मिली थी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने गुरुवार को ही इसका एलान कर दिया था। उन्होंने कहा था कि दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस पार्टी को जनता का समर्थन प्राप्त नहीं हुआ जिसका सम्मान करते हुए कांग्रेस पार्टी ने मेयर, डिप्टी मेयर और स्थाई समिति के सदस्यों की वोटिंग से दूर रहने का फैसला लिया है। 

 

4. चुनाव से पहले ही शुरू हो गया विवाद

आज मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होना था। इससे पहले उपराज्यपाल की ओर से मनोनीत पीठासीन अधिकारी द्वारा सभी पार्षदों को शपथ दिलाई जानी थी। पीठासीन अधिकारी ने सबसे पहले मनोनीत सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए बुलाया। इसी बात से नाराज होकर आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। 

 



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