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एयर इंडिया की फ्लाइट में 26 नवंबर को नशे में धुत व्यक्ति द्वारा एक बुजुर्ग महिला पर पेशाब करने की घटना ने हर रोज हैरान कर दिया था। इस मामले में एयर लाइंस लेकर साथ में यात्रा करने वाले यात्रियों ने भी कहा कि ये गलत हुआ। लेकिन किसी व्यक्ति के पिता का बयान हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका बुरा हाल बेटे होश में नहीं था और स्थिति से नहीं निर्धारण के लिए पायलट जिम्मेदार है।
26 नवंबर को एयर इंडिया के न्यूयॉर्क से दिल्ली जा रहे विमान में अमेरिका के डॉ. सुगत भट्टाचार्य भी यात्रा कर रहे थे। वोट करने के लिए शंकर मिश्रा की बगल वाली सीट पर बैठे थे। उन्होंने कहा कि महिला यात्री पर पेशाब करने वाले व्यक्ति के पिता का यह कहना हैरानी भरा है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी।
पिता की बात से हैरान यात्री
भट्टाचार्य ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘मैं इतना कारक नहीं होता। मैंने इंतजार किया, लेकिन जब उसके पिता ने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो मैं हैरान रह गया। एक महिला की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ किया गया। ग्रुप का नाम खराब हो गया। यह कोई अच्छी घटना नहीं है। आखिरकार यह मेरी नैतिक देनदारी बन गई और मैंने सोचा कि सही के साथ खड़ा होना और शिकायत करना मेरी नैतिक देनदारी है और मैंने यही किया।’
मिश्रा के पिता ने कहा था कि उनका बेटा पात्रता नहीं है और वो अपनी मां की उम्र की महिला के साथ ऐसा कुछ भी नहीं कर सकते। हालांकि, इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जज को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जिसके बाद उसे 14 दिन की हिरासत में भेज दिया गया।
सुगत भट्टाचार्य ने एविएशन कंपनी एयर इंडिया को लिखित शिकायत में कहा था कि फ्लाइट में फर्स्ट क्लास की चार सीटें खाली थीं लेकिन फिर भी परेशान यात्रियों को गंदी सीट पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया गया।
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