Home Sports हार्दिक पंड्या ने कहा- मैंने जूनियर क्रिकेट तक में नहीं की कप्तानी, बताया- किसके कारण हुआ सफल

हार्दिक पंड्या ने कहा- मैंने जूनियर क्रिकेट तक में नहीं की कप्तानी, बताया- किसके कारण हुआ सफल

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हार्दिक पंड्या ने कहा- मैंने जूनियर क्रिकेट तक में नहीं की कप्तानी, बताया- किसके कारण हुआ सफल

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नई दिल्ली. हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) ने बतौर कप्तान एक और सीरीज जीत ली है. टीम इंडिया ने तीसरे टी20 में श्रीलंका को (IND vs SL) 91 रन से हराया. इसी के साथ भारतीय टीम ने सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया. मैच में भारतीय टीम ने पहले खेलते हुए 5 विकेट पर 228 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने नाबाद 112 रन बनाए. उन्होंने 51 गेंद का सामना और 9 छक्के जड़े. जवाब में श्रीलंका की टीम 16.4 ओवर में 137 रन बनाकर पवेलियन लौट गई. युवा तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने 3 विकेट झटके. दूसरे टी20 में वे बेहद महंगे साबित हुए थे. सूर्या को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला. वहीं अक्षर पटेल प्लेयर ऑफ द सीरीज बने.

हार्दिक पंड्या ने बतौर कप्तान लगातार तीसरी टी20 सीरीज जीती. इससे पहले उन्होंने आयरलैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ भी जीत दिलाई थी. सीरीज जीतने के बाद मीडिया से बात करते हुए हार्दिक पंड्या ने अपनी कप्तानी को लेकर कहा, मैंने जूनियर क्रिकेट में भी कभी नेतृत्व नहीं किया. जब मैं 16 वर्ष का था, तो बड़ौदा की कमान संभाली थी. गुजरात टाइटंस की कप्तानी के दौरान मुझे कोच आशीष नेहरा से काफी सहयोग मिला और इसने मेरे जीतन में बड़ा बदलाव लाया.

हमारी सोच समान है
हार्दिक पंड्या ने कहा कि मेरी और आशीष नेहरा की क्रिकेटिंग सोच एक तरह की है. इस कारण मेरी कप्तानी को और फायदा मिला. इस कारण मैं जो जानता था, कोच की तरफ से पूरा उसे सपोर्ट मिला. पंड्या ने जूनियर खिलाड़ियों को लेकर कहा कि उन्हें मैनेज करना वास्तव में उतना मुश्किल नहीं है. मेरे लिए चीजें काफी आसान हो जाती हैं, जब अनुभवी खिलाड़ी होते हैं, मैं उनसे ज्यादा कुछ नहीं कहता. वे इस स्तर पर खेल रहे हैं, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में बहुत अच्छी चीजें की हैं.

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युवा टीम का समर्थन करते हुए भारत के नए कप्तान ने कहा कि मैनेजमेंट मुश्किल नहीं है, लेकिन हां, यह एक युवा टीम है. वे गलतियां करेंगे, वे इससे सीखेंगे. हमने इस पर जोर दिया है कि एक बार जब आप गलती करते हैं, तो आप सुनिश्चित करें कि आप इससे सीखें. इसमें चीजों को स्वीकार करना बेहद महत्वपूर्ण है. यदि आप इसे स्वीकार नहीं करते तो फिर चीजें काफी मुश्किल हो जाती हैं. हार्दिक पंड्या ने कहा कि लेकिन जब एक युवा टीम होती है, तो मैं सिर्फ उन्हें आत्मविश्वास देकर मदद कर सकता हूं. कैसे सुनिश्चित करें कि वे एक स्तर पर हैं, जब वे यहां खेल रहे हैं, तो उन्हें लगना चाहिए कि वे यहां खेलने के हकदार हैं.

 

Tags: Ashish nehra, Hardik Pandya, India Vs Sri lanka, Sri lanka, Team india

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