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Jammu Kashmir : रियासी गुरुद्वारे में 38 वर्ष बाद हुई गुरुवाणी, 84 के दंगों में हो गया था क्षतिग्रस्त

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Jammu Kashmir : रियासी गुरुद्वारे में 38 वर्ष बाद हुई गुरुवाणी, 84 के दंगों में हो गया था क्षतिग्रस्त

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रियासी गुरुद्वारा...

रियासी गुरुद्वारा…
– फोटो : अमर उजाला

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वर्ष 1984 के दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त होने के बाद बंद किए गए रियासी के गुरुद्वारे को मंगलवार को खोल दिया गया। यहां साफ सफाई कर रागी जत्थों ने गुरुवाणी सुनाई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

सुबह सिख समुदाय का एक जत्था पौनी से तलवाड़ा के लिए रवाना हुआ। वहां से गुरुग्रंथ साहिब को रियासी लाया गया। इस दौरान स्थानीय थापा चौक से गुरु ग्रंथ साहिब को पूरे सम्मान के साथ सिर पर उठाकर वार्ड चार रामगली स्थित गुरुद्वारे में लाया गया, जहां उसे स्थापित कर रागी जत्थों ने गुरुवाणी पढ़ी।

गुरुवाणी के आयोजन के दौरान मौके पर जिले के विभिन्न स्थानों से आए गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान और सदस्यों के साथ जम्मू से आए सिख समुदाय के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

जिला जम्मू के उपप्रधान बलविंदर सिंह और जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान दीदार सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे को समुदाय को सौंपने का प्रयास किया गया था। पहले यहां कुछ परिवार रह रहे थे।

प्रशासन ने स्वयं इन परिवारों से बात करने को कहा था। स्थानीय लोगों के साथ ही विभिन्न संगठनों का इसमें साथ मिला। अब यहां रहने वाले परिवार कमरों को खाली कर चाभी सौंप गए हैं। बाद में गुरुद्वारा परिसर की साफ सफाई करवाई गई। मंगलवार को यहां गुरु ग्रंथ साहिब को लाया गया।

कहा कि रियासी नगर के सभी वर्गों ने उनका साथ दिया। आने वाले दिनों में रियासी भाईचारे की एक अद्भुत मिसाल बनेगा। सिख समुदाय ने सभी लोगों को गुरुद्वारा दोबारा से खोले जाने के लिए दिए गए समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

जिला प्रधान ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों के बाद गुरुद्वारे की पुरानी इमारत के स्थान पर नई इमारत का निर्माण शुरू करवाया जाएगा। उसमें भी लोगों का सहयोग लिया जाएगा। गुरुवाणी के दौरान सभी को प्रसाद बांटा गया।

वर्ष 1984 के दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त होने के बाद बंद किए गए रियासी के गुरुद्वारे को मंगलवार को खोल दिया गया। यहां साफ सफाई कर रागी जत्थों ने गुरुवाणी सुनाई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

सुबह सिख समुदाय का एक जत्था पौनी से तलवाड़ा के लिए रवाना हुआ। वहां से गुरुग्रंथ साहिब को रियासी लाया गया। इस दौरान स्थानीय थापा चौक से गुरु ग्रंथ साहिब को पूरे सम्मान के साथ सिर पर उठाकर वार्ड चार रामगली स्थित गुरुद्वारे में लाया गया, जहां उसे स्थापित कर रागी जत्थों ने गुरुवाणी पढ़ी।

गुरुवाणी के आयोजन के दौरान मौके पर जिले के विभिन्न स्थानों से आए गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान और सदस्यों के साथ जम्मू से आए सिख समुदाय के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

जिला जम्मू के उपप्रधान बलविंदर सिंह और जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान दीदार सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे को समुदाय को सौंपने का प्रयास किया गया था। पहले यहां कुछ परिवार रह रहे थे।

प्रशासन ने स्वयं इन परिवारों से बात करने को कहा था। स्थानीय लोगों के साथ ही विभिन्न संगठनों का इसमें साथ मिला। अब यहां रहने वाले परिवार कमरों को खाली कर चाभी सौंप गए हैं। बाद में गुरुद्वारा परिसर की साफ सफाई करवाई गई। मंगलवार को यहां गुरु ग्रंथ साहिब को लाया गया।

कहा कि रियासी नगर के सभी वर्गों ने उनका साथ दिया। आने वाले दिनों में रियासी भाईचारे की एक अद्भुत मिसाल बनेगा। सिख समुदाय ने सभी लोगों को गुरुद्वारा दोबारा से खोले जाने के लिए दिए गए समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

जिला प्रधान ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों के बाद गुरुद्वारे की पुरानी इमारत के स्थान पर नई इमारत का निर्माण शुरू करवाया जाएगा। उसमें भी लोगों का सहयोग लिया जाएगा। गुरुवाणी के दौरान सभी को प्रसाद बांटा गया।



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