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वामपंथी नेता और तर्कवादी गोविंद पानसरे की हत्या के करीब आठ साल बाद महाराष्ट्र के कोल्हापुर शहर की एक अदालत ने मंगलवार को दस आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। मामले में आरोप तय होने के बाद आपराधिक मुकदमा शुरू होता है।
इनके खिलाफ तय किए आरोप
जज एस एस तांबे ने समीर गायकवाड़, वीरेंद्र सिंह तावड़े, अमोल काले, वासुदेव सूर्यवंशी, भरत कुराने, अमित देगवेकर, शरद कालस्कर, सचिन अंदुरे, अमित बद्दी और गणेश मिस्किन के खिलाफ आरोप तय किए। सरकारी वकील शिवाजीराव राणे ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा हत्या, हत्या का प्रयास, 120 बी साजिश और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए गए। उन्होंने कहा कि मामले के 12 आरोपियों में से विनय पवार और सारंग अकोलकर फरार हैं।
दाभोलकर हत्याकांड में जेल में बंद है एक आरोपी
बाकी लोगों में से गायकवाड़ जमानत पर बाहर हैं। तावड़े को इस मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन वह तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में जेल में हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मामले के कुछ आरोपी दाभोलकर, कन्नड़ लेखक एम एम कलबुर्गी और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्याओं से भी जुड़े थे।
पानसरे की कोल्हापुर में गोली मारकर कर दी गई थी हत्या
गोविंद पानसरे और उनकी पत्नी उमा पानसरे को 15 फरवरी को गोली मार दी थी। गोविंद पानसरे ने पांच दिन बाद दम तोड़ दिया।
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