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फर्जी डॉक्टर ने कमाए नौ करोड़ यूके (यूके) की रहने वाली एक महिला का ऐसा कारनामा सामने आया है जो अंग्रेजों के देश के पूरे हेल्थ सिस्टम (एनएचएस) को हिलाकर रख दिया है। फ्रॉड करके फर्जी डॉक्टर बनी इस महिला ने 20 साल तक कितने भाई-बहनों का इलाज किया अब उसका पूरा रॉ-चिट्ठा निकाला जा रहा है।
‘स्वास्थ्य विभाग से कमाए 9 करोड़’
‘द इंडिपेंडेट’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार लंकनशायर में रहने वाली जोहिला एल्मी (झोलिया अलेमी) ने लंबे समय तक डॉक्टर बनकर लोगों का इलाज किया और भारी भरकम सैलरी उठाई। जोहिला ने यूं तो अपनी जिंदगी एक झूठ पर गुजार दी लेकिन आखिरकार उसका सच दुनिया के सामने आ ही गया।
1995 में फ्रॉड ने नौकरी हासिल की
जोहिला अब 60 साल की उम्र में जेल की हवा खाने वाले हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने 1995 में मैनचेस्टर की जनरल मेडिकल काउंसिल में अपना प्रमाण पत्र जमा किया था। अब उनके ऊपर फ्रॉड का मुकदमा चल रहा है। इस महिला पर जालसाजी के 2 आरोप लगाए गए हैं। वहीं कई मामलों में फर्जीवाड़ा और नकली कागज पेश करने का आरोप लगाया है। हालांकि जोहिला ने कोर्ट में अपने ऊपर लगे झूठ को खारिज कर दिया, लेकिन सबूतों से इनकार नहीं कर सकी।
कोर्ट में खुली पोल
कोर्ट में वकील क्रिस्टोफर स्टेबल्स ने कहा कि फर्जी महिला ने फर्जी डॉक्टरी के नाम पर सरकारी स्वास्थ्य विभाग को 9 करोड़ रुपये से ज्यादा का लिमिट लगाया है। दरअसल कोर्ट में दस्तावेजों के जरिए ये साबित हुआ कि वो अपना कोर्स बीच में ही छोड़ चुके थे लेकिन फर्जी डिग्री के दम पर वो बिना योग्यता के पूरी तरह से मनोचिकित्सक होने का दावा कर रहे थे। सोशल मीडिया पर इस खबर के प्रकाशित होने के बाद लोग डॉक्टर पर भड़के हुए हैं। दरअसल फर्जी डॉक्टर के बिना डिग्री के हजारों लोगों का इलाज करने की पुष्टि होने के बाद उन लोगों की जान को जोखिम में डालने का आरोप लगाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
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