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समोसा कॉकस क्लब यूएसए: अमेरिका (अमेरिका) में समोसा कॉकस (समोसा कॉकस) एक खास ग्रुप है। सात समंदर पार भारतीय मूल के अमेरिकी राजनेताओं को अनधिकृत रूप से समोसा कॉकस (समोसा कॉकस) कहा जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव हो या अमेरिका का मिड टर्म इलेक्शन हमेशा इस खास ग्रुप की खबरें जारी रहती हैं।
समोसा कॉकस ने ‘थियेरे’ का स्वागत किया
‘समोसा कॉकस’ के भारतीय अमेरिकी सांसदों ने अमेरिकी प्रतिनिधियों में विशेष रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के एक समूह में मिस्टर ‘थानेदार’ के शामिल होने का स्वागत किया है। पिछले साल नवंबर में आपने दावा किया कि थानेदार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए फिर पांच भारतीय-अमेरिकी हैं। बिजनेसमैन से नेता बने हैं। थानेदार की जीत चार भारतीय डेमोक्रेटिक अमेरिकी सांसद- डॉ एमी बेरा, प्रमिला जयपाल, रोय लॉक डाउन और किंग कृष्णमूर्ति के अमेरिकी संसद के लोअर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के खिलाफ पुनर्निर्वाचन के बाद हुई है।
क्या है समोसा कॉकस- समोसा कॉकस की कहानी
अमेरिका में समोसा कॉक्स की कहानी वर्ष 2016 में शुरू होती है, जब पहली बार अमेरिका की संसद में कुछ भारतीय मूल के सांसद चुने गए। जो आप अक्सर में मिलते थे। केवल अपमान करने वाले के मेंबर राजा कृष्णमूर्ति ने पहली बार इस क्लब का नाम समोसा कॉक्स रखा था। जिसका एक अहम सदस्य आगे चलकर अमेरिका का दूसरा उपराष्ट्रपति स्थायीं है। सांसद कृष्णमूर्ति के दिए इस नाम का मकसद अमेरिकी कांग्रेस में ‘देसी’ सांसदों की बढ़ती संख्या को रेखांकन करना था।
‘कॉकस की सांसद की जुबानी’
इस इंडो-अमेरिकन एलीट क्लब के सदस्य और सांसद बेरा ने कहा, ‘जब मैंने 2013 में कार्यभार संभाला था, तब मैं कांग्रेस में इकलौता भारतीय अमेरिकी सदस्य था और इतिहास में तीसरा। उस दिन के बाद से मैं इस बात के लिए प्रतिबद्ध था कि हम कांग्रेस में अपना प्रतिनिधित्व करेंगे और लेंगे।’
उन्होंने कहा, ‘पिछले दशक में मेरे साथ भारतीय अमेरिकी-जयपाल, यादें और कृष्णमूर्ति शानदार सहयोगी बने और इसके लिए मुझे गर्व है। 118वें कांग्रेस के गठन के साथ हमारा संगठन विस्तृत हुआ है क्योंकि इसमें थानेदार शामिल हुए हैं।’
महिला सदस्य का दावा
सांसद जयपाल ने कहा, ‘जब हमारे पास सबसे विविध कांग्रेस है, मुझे एहसास है कि देश भर में प्रत्येक समुदाय तथा संस्कृति के लिए प्रतिनिधित्व मायने रखता है। मैं गौरवान्वित नागरिक हूं, प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित पहली दक्षिण अमेरिकी महिला हूं। जो अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए कोई भी निर्णय लेने के पीछे नहीं हटेगी’।
‘थाईनर’ का अभिप्राय
स्वागत के बाद थानेदार ने कहा, ‘कांग्रेस के नए सदस्य और भारतीय-अमेरिकी सांसद के एक शानदार समूह के नए सदस्य के रूप में मैं अमेरिकी लोगों के लिए काम करने को उत्सुक हूं। मैं कांग्रेस में हमारे ऐतिहासिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने में बेरा, जयपाल, फाइलिंग और कृष्णमूर्ति के साथ जुड़ाव और आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देने की उम्मीद करता हूं।’
(इनपुट: भाषा)
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