Home Sports विकेट बुमराह और शमी के बराबर, फिर सम्मान के लिए क्यों तरस रहा भारत का चाइनामैन

विकेट बुमराह और शमी के बराबर, फिर सम्मान के लिए क्यों तरस रहा भारत का चाइनामैन

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विकेट बुमराह और शमी के बराबर, फिर सम्मान के लिए क्यों तरस रहा भारत का चाइनामैन

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क्या कुलदीप यादव वनडे क्रिकेट में उतने ही उम्दा गेंदबाज़ है जितने जसप्रीत बुमराह? यह सुनते ही आम क्रिकेटप्रेमी की तरह आपके मन में भी यही सवाल उठेगा कि -अरे ये क्या बात हुई, ये कैसी तुलना है! वैसे तो बुमराह की काबिलियत और उनकी कामयाबी के बारे में ज़्यादा कुछ कहने या लिखने की ज़रूरत नहीं है लेकिन अगर सिर्फ आंकड़ों का सहारा लिया जाया 70-75 वनडे मैचों के बीच की यात्रा में दोनों के आंकड़े करीब करीब एक जैसे ही हैं. दोनों के विकेट की संख्या करीब 125 है. अमूमन हर 32वीं गेंद पर दोनों ने 1 विकेट झटका है. हर विकेट के लिए बुमराह 24 से ज्यादा तो कुलदीप 28 से ज़्यादा रन खर्च करते हैं. 100 विकेट के क्लब में जाने के लिए बुमराह को 58 मैच लगे तो कुलदीप को 1 कम यानि की 57. मैन ऑफ द मैच भी दोनों ने इस दौरान बिल्कुल बराबार यानि कि 4-4 हासिल किए. हां, इकॉनमी रेट यानि कि हर ओवर कम रन देने के मामले में बुमराह, कुलदीप से बेहतर जरूर हैं. बुमराह का इकॉनमी रेट करीब 4.6 है तो कुलदीप का 5.2. इसके बावजूद ऐसा क्यों लगता है कि बुमराह वनडे क्रिकेट के धाकड़ गेंदबाज़ है जबकि कुलदीप नहीं.

दो बातें ऐसी धारणा बनाने में अहम भूमिका अदा करती हैं. आईपीएल में खेल. जहां कुलदीप यादव का आईपीएल में पिछले 3 सालों में खेल बहुत अच्छा नहीं रहा है. वहीं, बुमराह अपनी टीम के लिए तुरुप का इक्का रहे हैं. और आईपीएल का खेल हर किसी के सर चढ़कर बोलता है तो बुमराह के वनडे मैचों में खेल के साथ उनके आईपीएल के खेल को जोड़ कर देखा जाता है जिससे सफेद गेंद में वो बेहद धाकड़ गेंदबाज़ दिखते हैं जो सही है लेकिन कुलदीप को साधारण.

आईपीएल का नुकसान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होता है. भारत के लिए अच्छा रिकॉर्ड होने के बावजूद ऐसा लगता है कि वो सफेद गेंदों में उतने कारगर नहीं है और इसलिए उनके साथी युज़वेंद्र चहल को अक्सर वनडे क्रिकेट में नियमित तौर पर जगह मिलती है जबकि ‘कुल-चा’ वाली जोड़ी के पहले पार्टनर कुलदीप वनडे क्रिकेट में तभी खेल पाते हैं जब चहल या फिर कोई और स्पिनर उपलब्ध नहीं हो. कोलकाता में श्रीलंका के ख़िलाफ दूसरे वनडे के दौरान भी तो यही हुआ.

लेकिन, कुलदीप के साथ ऐसा रवैया अपनाना सही नहीं है. कोलकाता नाइटराइडर्स और टीम इंडिया के लिए वनडे क्रिकेट में कप्तानी करने वाले गौतम गंभीर का मानना मानना है कि 2023 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई के साथ कुलदीप भी होने चाहिए. गंभीर ने ना तो रवींद्र जडेजा और ना ही चहल को जगह दी जो किसी और दिन के लिए बहस का मुद्दा है. कुलदीप ने कोलकाता वनडे के दौरान चाइनामैन स्पिनर के तौर पर 200 इंटरनेशनल विकेट भी पूरे किए. ऐसा करने वाले वो इस तरह के पहले खिलाड़ी भी हैं. इससे पहले ब्रैड हॉग के नाम 180, पॉल एडम्स के नाम 163 और तबरेज शम्सी के नाम 129 विकेट ही रहे हैं. ये दिखाता है कि अपनी कला में कुलदीप महारत हैं और बेहद कामयाब. फिर भी उन्हें भारतीय चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट से वो सहयोग नहीं मिलता है जिसके वो हकदार है. इतना ही नहीं जब से कुलदीप ने वनडे क्रिकेट खेलनी शुरू की है उनसे ज़्यादा विकेट किसी ने नहीं लिए हैं. इस दौरान चहल के 113, बुमराह के 99, भुवनेश्वर कुमार के 80 और मोहम्मद शमी के 66 विकेट हैं.

पिछले आधे दर्जन मैचों के दौरान कुलदीप यादव तो कहर ढाए हुए हैं. हर मैच में उन्होंने 1 विकेट जरूर लिया है किसी में 2, किसी में 3 और किसी में 4 विकेट हासिल किए हैं. इस दौरान किसी भी मैच में उन्होंने 53 से ज्यादा रन खर्च नहीं किए हैं.

दरअसल, अगर आपको कुलदीप यादव का गेंदबाज़ के तौर पर उनका सही आकलन करना है तो उनके करियर को शायद 3 हिस्सों में बांटकर देखने की ज़रूरत है. 2017 में शुरुआत के बाद वो 2018 तक शानदार रहे. इसके बाद अगले 3 साल वो गुमनामी के अंधेरे में खो गए. साल 2022 से वापसी करने के बाद कुलदीप ने दिखाया कि उन्होंने अपनी तकनीकी खामियों पर काम किया है. कुलदीप जैसे गेंदबाज़ मिडिल ओवर्स में विकेट लेने वाले गेंदबाज़ है भारत को ऐसे गेंदबाज़ों की सख़्त ज़रूरत है. 2019 वर्ल्ड कप के बाद से इस दौरान भारतीय स्पिनरों का इकोनमी रेट बेहद साधारण रहा है और उन्हें विकेट के लिए भी तरसना पड़ा है. कोलकाता में एक समय श्रीलंका का स्कोर 1 विकेट के नुकसान पर 99 था. 17वें ओवर में स्पिन आक्रमण आते ही ये स्कोर 133 पर 6 हो गया जिसमें एक रन आउट भी था. 9 ओवर के दौरान श्रीलंका ने 34 रन के भीतर 5 विकेट खोए तो वहां कुलदीप और अक्षर पटेल की भूमिका अहम रही. इरफान पठान के मुताबिक कुलदीप ने अपना रन अप ऐंगल बदला है जिससे उनकी एलायनमेंट भी बदली और इसका फायदा उन्हें तेज़ गति में मिल रहा है. इत्तफाक की बात है कि 74 मैचों के बाद कुलदीप के 122 विकेट हैं जबकि इरफान के 115 थे. 74 मैचों के बाद वनडे क्रिकेट में विकेट लेने के मामले में सिर्फ शमी ही कुलदीप से बेहतर रहे हैं जिन्होंने 136 विकेट लिए. आज के दौर में शमी को 2023 वर्ल्ड के लिए पक्का गेंदबाज़ माना जा रहा है लेकिन क्या यही सोच कुलदीप के लिए भी है?

Tags: Jasprit Bumrah, Kuldeep Yadav

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