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Kuttey Review: नोटबंदी को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करती ‘कुत्ते’, सेंसर बोर्ड को समझ ही नहीं आई फिल्म

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Kuttey Review: नोटबंदी को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करती ‘कुत्ते’, सेंसर बोर्ड को समझ ही नहीं आई फिल्म

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कुत्ते फिल्म रिव्यू

कुत्ते फिल्म रिव्यू
– फोटो : अमर उजाला, मुंबई

Movie Review

कुत्ते

कलाकार

तब्बू
,
अर्जुन कपूर
,
कुमुद मिश्रा
,
कोंकणा सेन शर्मा
,
राधिका मदान
और
नसीरुद्दीन शाह

लेखक

विशाल भारद्वाज
और
आसमान भारद्वाज

निर्देशक

विशाल भारद्वाज

निर्माता

विशाल भारद्वाज
,
लव रंजन
,
भूषण कुमार
और
कृष्ण कुमार

रिलीज डेट

13 जनवरी 2022

विस्तार

पिता ने ‘कमीने’ बनाई तो बेटा ‘कुत्ते’ ही बनाएगा। गुलजार से पारिवारिक रिश्ता है तो गाने वह लिखेंगे ही। क्या लिख रहे हैं, ऐसा क्यों लिख रहे हैं, इसके लिए वह उन लोगों को जिम्मेदार बताते हैं जिनके लिए वह ‘पूज्य’ रहे हैं, लेकिन खुद गुलजार के शब्दों में ‘चश्म ए बद दूर’ का मतलब ये नहीं समझते। आसमान को नजर न लगे लेकिन उनकी पहली फिल्म ‘कुत्ते’ का पहला सीन जिस तरह से उन्होंने शूट किया है, वह उनकी मौलिकता का प्रमाण है। अपने पिता, मां और दानाजी (गुलजार) के आभामंडल से बाहर रहकर वह फिल्में बनाएंगे तो दूर तक जाएंगे। लेकिन, इन दिग्गजों की अपने पाठकों, दर्शकों और श्रोताओं के बारे में सीमित समझ के भ्रमजाल में फंसे रहे तो उनकी आगे की राह मुश्किल है। फिल्म ‘कुत्ते’ का पहला सीन छोड़कर आखिर तक ये फिल्म विशाल भारद्वाज का ही सिनेमा लगती है। क्लाइमेक्स पर आकर नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर की गई फिल्म के नायक की टिप्पणी बहुत ही आपत्तिजनक है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की तरफ से फिल्म देखने वालों को ये समझ में भी आई होगी, लगता नहीं है।



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