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ईरान समाचार: ईरान में एंटी हिजाब प्रदर्शनों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। यह विरोध प्रदर्शन महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत के कारण हुआ। 22 साल की महेसा अमीन की 16 सितंबर को पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। अमीनी की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन ईरान के इतिहास में सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक है। ईरानी सरकार के कड़े कदमों के बावजूद यह आंदोलन खत्म नहीं हो पाया है। एंटी हिजाब आंदोलन की वजह से एक बार फिर ईरान में महिलाओं की आजादी, महिला सुरक्षा और उनसे जुड़े कानूनों को लेकर दुनिया भर में बहस हो रही है।
आपको बता दें कि ईरान में कई ऐसे कानून हैं, जो सिर्फ महिलाओं पर लागू होते हैं। ये कानून काफी सख्त है और महिला अधिकारों के खिलाफ पूरी तरह से है। 1979 में ईरान में हुई इस्लामिक क्रांति ने इस मुल्क को बदल कर रख दिया। यहां सख्त कानून लागू और महिलाओं की आजादी को काफी हद तक छीन लिया गया।
महिलाओं को लेकर ईरान के अजीबो गरीब कानून
फुटबॉल न देख पाना
ईरान में ग्रामीण मैदान में जाकर फुटबॉल मैच नहीं देख सकते थे। हालांकि फुटबॉल प्रेमी सहर खोयारी की खुदकुशी से ईरान को झुकना पड़ा। 29 साल के सहर ने मार्च 2019 में एक स्टेडियम में पुरुषों के रहने का खेल देखते पहुंचे। सुरक्षा गार्डों को शक हो गया और उन्होंने उसे रोक लिया। उसी वर्ष 2 सितंबर को, तेहरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी कोर्ट द्वारा उसे बताया गया कि उसे छह महीने की जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
कोर्ट से बाहर आने के बाद उसने कोर्ट की इमारत के सामने खुद पर पेट्रोल छिड़कने की आग लगा दी। एक हफ्ते बाद उसकी मौत हो गई। खोडयारी के आत्मदाह ने ईरान में महिलाओं पर सरकार की दलाली के बारे में काफी बहस छेड़ दी।
अक्टूबर 2019 में, ईरानी महिलाओं को 40 साल में पहली बार ईरान में एक फुटबॉल मैच में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, 2022 में ईरानी महिलाओं को विश्व कप क्वालीफायर के लिए स्टेडियम में प्रवेश करने से रोक दिया गया था।
गैर मर्दों से हाथ मिलाने पर मनाही
ईरान में औरतों के गैरों से हाथ मिलाने पर मनाही है। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसा करने पर महिला को जर्मना और रिकॉर्ड किया जा सकता है।
हिजाब
ईरान में हिजाब नहीं पहनने पर सख्त सजा का प्रावधान है। यहां के इस्लामिक धर्मगुरुओं का मानना है कि 12 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियों का चेहरा या शरीर का कोई भी हिस्सा पिता, पति या भाई के अलावा कोई नहीं देख सकता। ईरान में हिजाब की अनवर्यता के खिलाफ अक्सर अवजें उठती रहती हैं।
शादी का सिनिस्टर कानून
द गार्जियन में छपी एक खबर 2013 के अनुसार ईरान में एक कानून पास हुआ था जिसके तहत पिता अपनी गोद ली हुई बेटी से शादी कर सकते हैं। बेटी की उम्र 13 साल या इससे ज्यादा हो सकती है। इस कानून का काफी विरोध हुआ था। हालांकि अब तक ये साफ नहीं हो सकता है कि ये नियम अब भी लागू है या इसमें कोई संशोधन किया गया है।
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