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ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिर पर हमला।
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया में एक बार फिर खालिस्तानी समर्थकों ने हिंदू मंदिर को निशाना बनाया है। यहां के विक्टोरिया राज्य में एक मंदिर में खालिस्तानी समर्थकों ने कथित तौर पर तोड़फोड़ की है। इतना ही नहीं, मंदिर में भारत विरोधी कलाकृतियों को भी बनाया गया है। गौरतलब है कि ये एक सप्ताह में दूरी ऐसी घटना है जब ऑस्ट्रेलिया में किसी हिंदू मंदिर पर हमला किया गया है।
वहां की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को विक्टोरिया के कैरम डाउन्स में ऐतिहासिक श्री शिव विष्णु मंदिर में तोड़-फोड़ की गई। खालिस्तानी समर्थकों ने यह हमला तब किया जब तमिल हिंदू समुदाय द्वारा ‘तीन दिवसीय ‘थाई पोंगल’ त्योहार के दौरान भक्त दर्शन के लिए गए थे।
भक्तों ने की निंदा
श्री शिव विष्णु मंदिर की लंबे समय से भक्त उषा सेंथिलनाथन ने इस घटना की निंदा की है। उषा ने बताया कि वे ऑस्ट्रेलिया में एक तमिल अल्पसंख्यक समूह आती हैं। उन्होंने बताया कि हममें से बहुत से लोग धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए शरणार्थी के रूप में यहां आए थे। मंदिर में हुई घटना पर उन्होंने कहा कि ‘यह मेरा पूजा स्थल है और यह मुझे स्वीकार्य नहीं है कि ये खालिस्तान समर्थक बिना किसी डर के अपने नफरत भरे संदेशों के साथ इसे तोड़ रहे हैं।’
उषा सेंथिलनाथन ने मांग करते हुए कहा कि मैं प्रीमियर डैन एंड्रयूज और विक्टोरिया पुलिस से मंदिर पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जो विक्टोरियाई हिंदू समुदाय को डराने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया चैप्टर के अध्यक्ष मकरंद भागवत ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा हमारे मंदिरों की बर्बरता निंदनीय है और व्यापक समुदाय द्वारा इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, मेलबर्न हिंदू समुदाय के सदस्य सचिन महते ने खालिस्तान समर्थकों को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर इन खालिस्तान समर्थकों में हिम्मत है तो उन्हें शांतिपूर्ण हिंदू समुदायों के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के बजाय विक्टोरियन संसद भवन पर भारत विरोधी और हिंदू विरोधी चित्र बनाने चाहिए।
विक्टोरियन लिबरल पार्टी के सांसद ब्रैड बैटिन ने भी की घटना की आलोचना
इस घटना की विक्टोरियन लिबरल पार्टी के सांसद ब्रैड बैटिन ने भी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हमारा भविष्य किसी भी तरह की नफरत पर नहीं बनाया जा सकता है। इस तरह के व्यवहार के लिए विक्टोरिया या ऑस्ट्रेलिया में कोई जगह नहीं है, जो हम यहां देख रहे हैं।
12 जनवरी को भी हुई थी ऐसी ही घटना
ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिरों पर हमलों की ये कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 12 जनवरी को मेलबर्न में स्वामीनारायण मंदिर को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया था। तब भी मंदिर पर भारत विरोधी चित्रों को बनाया गया था। मंदिर की संचालन करने वाली संस्था बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था ऑस्ट्रेलिया ने एक बयान जारी कर इस घटना की निंदा की थी।
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