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यूनियन बजट 2023-24
– फोटो : amarujala.com
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कोरोना संकट से बहुत हद तक उबरने के बाद 2022 में देश की अर्थव्यवस्था लगभग स्थिर रही। ऐसे में 2023 के बजट से लोगों को बहुत अपेक्षाएं हैं। जैसे-जैसे बजट की तारीख नजदीक आ रही है लोगों में इस बात की उत्सुकता बढ़ रही हैं कि इस बार उनके लिए क्या खास होगा? आने वाले बजट पर आर्थिक जानकारों के बीच भी दो तरह के राय हैं। कुछ जानकारों का मानना है कि महंगाई और बाजार के मौजूदा हालात को देखते बजट में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का एक वर्ग 2023 के बजट में बड़े सुधार की उम्मीद कर रहा है। उनका मानना है कि खासकर टैक्स के राहत से जुड़े मामलों में वित्त मंत्री इस बार बड़ी घोषणा कर सकती हैं।
बजट तैयार होने की प्रक्रिया पर नजदीक से नजर रख रहे कुछ जानकारों का मानना है कि इस बार के बजट में बहुत बड़े सुधार या बदलाव के आसार कम ही हैं। हालांकि उनका मानना है कि अलग-अलग कैटेगरी के करदाताओं के लिए टैक्स एक्सेम्शन और छूट की घोषणा 2023 के बजट में की जा सकती है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पूर्ण बजट है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार के बजट पर मोदी सरकार के 2024 के आम चुनावों की तैयारी की झलक दिखेगी।
बजट पूर्व मंत्रणा बैठकों में कई दिग्गजों ने टैक्स स्लैब में बदलाव और करों में छूट का दायरा बढ़ाने की सरकार से अपील की है। बजट पूर्व मंत्रणा बैठकों में जिस मांग पर सबसे अधिक फोकस रहा वह था पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) के दायरे को डेढ़ लाख से बढ़ाकर तीन लाख करना। करदाता 80सी के तहत मिलने वाली छूट के दायरे को बढ़ाये जाने की उम्मीद कर रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई का खर्च, एजुकेशन लोन, घर खरीदने पर किए गए खर्च और रिटायरमेंट के बाद के लिए के प्लान्स पर किए गए खर्च में राहत मिलेगी।
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