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Magh Mela : मौनी अमावस्या पर 3700 से अधिक लोग बिछड़ गए थे अपनों से

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Magh Mela : मौनी अमावस्या पर 3700 से अधिक लोग बिछड़ गए थे अपनों से

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Magh Mela 2023 : खोया पाया केंद्र से परिजनों से बिछड़े बच्चों के बारे में उद्घोषणा करती पुलिस।

Magh Mela 2023 : खोया पाया केंद्र से परिजनों से बिछड़े बच्चों के बारे में उद्घोषणा करती पुलिस।
– फोटो : अमर उजाला।

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ए पूजा क पापा, हम संगम टॉवर के पास हई। आ के लिवा जा। मौनी अमावस्या स्नान के दौरान संगम टॉवर से इस तरह की आवाज लगातार सुनाई देती रही। स्नान के लिए आए सैकड़ों लोग अपनों से बिछुड़ गए थे, जिन्हें मिलवाने का क्रम भी लगातार जारी रहा। इसके बावजूद 400 बच्चे देर रात तक भूले-बिछड़े शिविर में अपने माता-पिता का इंतजार करते रहे।

भूलोें-बिछड़ों के लिए संगम नोज के अलावा मेला प्रशासन पंडाल के पास शिविर लगाया गया है। दोनों स्थानों से बिछड़ों के बारे में लगातार उद्घोषणा भी होती रही। देर शाम तक 3775 लोग अपनों से बिछड़ गए थे। इनमें से ज्यादातर मिल भी गए थे।

इनमें से करीब 2800 लोग संगम नोज स्थित भूले-बिछड़े पर पहुंचे थे। जौनपुर की इंद्रावती श्रीवास्तव का परिवार तो घर वापस हो गया था। उन्हें वाहन की व्यवस्था करके भेजा गया।रीवा के पांच वर्ष के गोलू को तो यह भी आभास नहीं था कि वह अपने माता-पिता से बिछड़ गया है। सिविल डिफेंस के लोग गोलू को संगम टाॅवर के पास लाए और उद्घोषणा की गई। चार घंटे से भी अधिक समय बाद अपने बेटे को पाकर मां उससे लिपट पड़ी।

खास यह कि गोलू लगातार मुस्करा रहा था। ऐसे में माता-पिता का आधार कार्ड देखने एवं हर तरह से तसल्ली के बाद गोलू को उसके माता-पिता को सौंपा। रीवा की 65 वर्षीय कमला तो घंटों संगम टॉवर शिविर पर खड़ी रहीं। वह ग्रामीणों के साथ आईं थीं। इस तरह का क्रम देर रात तक चलता रहा।

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