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अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस।
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आवास से गोपनीय दस्तावेज मिलने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था, इसी बीच पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस के आवास से गोपनीय दस्तावेज मिलने का मामला सामने आया है। माइक पेंस के वकील ने मंगलवार को खुलासा किया कि पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस के आवास पर बहुत कम संख्या में गोपनीय दस्तावेज पाए गए हैं और उन्हें राष्ट्रीय अभिलेखागार (नेशनल आर्काइव) को सौंप दिया गया है।
यह मामला 2009 और 2016 के बीच उपराष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति बाइडन के निजी कार्यालय और निवास पर पाए गए गोपनीय दस्तावेजों के मद्देनजर आया है। राष्ट्रीय अभिलेखागार को लिखे पत्र में पेंस के वकील ग्रेग जैकब ने लिखा है कि ये गोपनीय दस्तावेज हाल ही में उनके आवास पर मिले हैं। कई मीडिया आउटलेट्स के अनुसार, पेंस ने कहा कि इन दस्तावेजों के अस्तित्व के बारे में उन्हें पता नहीं था।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने 22 जनवरी को जैकब द्वारा राष्ट्रीय अभिलेखागार को लिखे गए दूसरे पत्र की सामग्री का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट किया कि फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन एजेंटों ने न्याय विभाग के अनुरोध पर 19 जनवरी को पेंस के इंडियाना घर से दस्तावेज एकत्र किए थे। फाइनेंशियल डेली ने पत्र के हवाले से कहा कि पेंस दस्तावेजों की तलाशी के लिए सहमत हैं।
राष्ट्रपति जो बाइडन के आवास से भी मिले थे गोपनीय दस्तावेज
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन मुश्किलों में फंस हुए हैं। बाइडन पर गोपनीय फाइलों को अपने निजी दफ्तर और घर में रखने का आरोप लगा है। दो नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के डेलावेयर स्थित घर और वॉशिंगटन के ऑफिस में अमेरिकी न्याय विभाग ने छापेमारी की थी। बाइडन पर उपराष्ट्रपति रहते हुए गोपनीय फाइलों को अपने निजी घर और दफ्तर में छिपाने का आरोप है। उस वक्त उनके घर और दफ्तार से आठ साल पुरानी खुफिया फाइलों के 20 सेट मिले थे। इसके बाद 20 जनवरी को फिर से न्याय विभाग ने बाइडन के डेलावेयर स्थित घर पर छापेमारी की। 13 घंटे तक चली इस छापेमारी में छह और गोपनीय फाइलें मिलीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब बाइडन के घर की तलाशी ली जा रही थी, उस समय बाइडन या उनकी पत्नी घर पर नहीं थे।
बाइडेन ने इस मामले में क्या कहा?
गोपनीय फाइलें मिलने के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि उनके एक निजी कार्यालय में कुछ गोपनीय दस्तावेज मिले हैं, जिनका इस्तेमाल उन्होंने किसी वक्त ‘वाशिंगटन थिंक टैंक’ कार्यालय के रूप में किया था। उन्होंने कहा कि वह इन दस्तावेजों की समीक्षा में पूरी तरह से सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता था कि उपराष्ट्रपति के रूप में सरकारी रिकॉर्ड उनके थिंक टैंक कार्यालय ले जाए गए थे। वाशिंगटन डीसी में बाइडन के निजी कार्यालय से बरामद ये दस्तावेज उस समय के हैं जब वह 2009 से 2016 तक उपराष्ट्रपति थे।
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