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सीताराम येचुरी (फाइल फोटो)
– फोटो : Facebook
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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को अदाणी समूह के खिलाफ अमेरिका की फर्म हिंडनबर्ग के कथित अनियमितताओं के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। हालांकि अदाणी समूह लगाए गए आरोपों को निराधार और झूठे बता चुका है।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की जाए निगरानी: सीताराम येचुरी
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि केंद्र सभी संबंधित मंत्रालयों को शामिल करते हुए एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन करे। जांच पूरी होने तक सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिन-प्रतिदिन के आधार पर जांच की निगरानी की जानी चाहिए। अमेरिका स्थित फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक रिपोर्ट जारी की और आरोप लगाया कि अदाणी समूह दशकों से हेरफेर और लेखा धोखाधड़ी योजना में लगा हुआ था। इस खुलासे से समूह की कंपनियों के शेयरों में दो कारोबारी सत्रों में 51 अरब डॉलर की बिकवाली शुरू हो गई।
78,000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का आरोप
माकपा नेता ने इस मुद्दे में वित्त और विदेश मंत्रालयों की भागीदारी का आरोप लगाया। येचुरी ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने होंगे कि सभी आरोपों की ठीक से जांच हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि जीवन बीमाकर्ता एलआईसी और देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अदाणी समूह में जोखिम के कारण अपने शेयरों के बाजार पूंजीकरण में 78,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाया है।
बजट सत्र में उठाया जाएगा यह मुद्दा
सीताराम येचुरी ने कहा कि सेबी और आरबीआई नियामकों के रूप में क्या हो रहा है इसकी जांच करने के लिए अपना काम करना चाहिए। लेकिन एक उच्च स्तरीय जांच टीम होनी चाहिए, जिसे गठित करने की आवश्यकता है क्योंकि वित्त मंत्रालय से विदेश मंत्रालय तक इसमें शामिल है। येचुरी ने कहा, संसद में पेश होने वाले बजट सत्र में इस मामले को उठाया जाएगा। और इस बजट सत्र के समाप्त होने से पहले, इस तरह जांच दल टीम को अपने निष्कर्षों को देश के सामने रखना चाहिए। संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा।
रिपोर्ट दुर्भावनापूर्ण व शरारतपूर्ण: अदाणी समूह
अदाणी समूह ने कहा था कि हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से 24 जनवरी 2023 को प्रकाशित रिपोर्ट दुर्भावनापूर्ण व शरारतपूर्ण है। यह बिना किसी रिसर्च के तैयार की गई है। इस भ्रामक रिपोर्ट ने अदाणी समूह, हमारे शेयरधारकों और निवेशकों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला था। रिपोर्ट से भारतीय शेयर बाजारों में जो उतार-चढ़ाव पैदा हुआ है, वह बड़ी चिंता का विषय है और इससे भारतीयों को अवांछित पीड़ा हुई थी। अदाणी समूह ने कहा था कि हिंडनबर्ग ने अप्रमाणित सामग्री प्रकाशित की थी। इसे अदाणी समूह की कंपनियों के शेयर मूल्यों पर हानिकारक प्रभाव डालने के लिए डिजाइन किया गया था।
क्या है हिंडनबर्ग रिसर्च?
हिंडनबर्ग रिसर्च एक फोरेंसिक वित्तीय शोध फर्म है, जो इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव मार्केट के आंकड़ों का विश्लेषण करती है। इसकी स्थापना साल 2017 में नाथन एंडरसन ने की है। हिंडनबर्ग रिसर्च हेज फंड का कारोबार भी करता है। इसे कॉरपोरेट जगत की गतिविधियों के बारे में खुलासा करने के लिए जाना जाता है।
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