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जयराम रमेश
विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर के हालिया हमले के खिलाफ विपक्ष ने केंद्र सरकार की चीन नीति पर फिर से पलटवार किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने लिखित बयान जारी कर चीन मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। रमेश ने कहा है कि चीन मुद्दे पर मोदी सरकार ‘DDLJ’ यानी Deny(इनकार करो), Distract(ध्यान भटकाओ), Lie(झूठ बोलो), Justify(न्यायोचित ठहराओ) की नीति अपना रही है।
उन्होंने कहा, मोदी सरकार का कोई भी झूठ इस तथ्य को नहीं छिपा सकता है कि दशकों में केंद्र सरकार ने भारत के सबसे बड़े क्षेत्रीय झटके को छिपाने की कोशिश की है। उन्होंने दावा किया कि मई 2020 में लद्दाख में भारत ने 65 में से 26 चौकियों पर से अपना नियंत्रण खो दिया। उन्होंने विदेश मंत्री द्वारा चीन घुसपैठ पर दिए गए हालिया बयान को विफल चीन नीति से ध्यान हटाने का नवीनतम प्रयास करार दिया। दरअसल, हाल ही में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि भारतीय जमीन पर कब्जे की कोशिश 1962 में हुई थी, लेकिन विपक्ष इस तथ्य को छिपाता है और इस तरह प्रकट करता है कि जैसे कब्जा कल-परसों हुआ हो।
कांग्रेस ने किया पलटवार
कांग्रेस नेता की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि 1962 की लड़ाई और मई, 2020 में लद्दाख में जो हुआ, उसके बीच कोई तुलना नहीं है। 1962 में भारत ने अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए चीन के साथ युद्ध किया था और 2020 में भारत ने इनकार के साथ चीनी आक्रामकता को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद ‘डिसइंगेजमेंट’ हुआ, जिसमें भारत ने हजारों वर्ग किलोमीटर तक अपनी पहुंच खो दी।
चीनी राजदूत पर जयशंकर की टिप्पणी बेहद घटिया
जयराम रमेश ने कहा, 2017 में चीनी राजदूत और राहुल गांधी के बीच मुलाकात पर विदेश मंत्री का बयान बहुत ही घटिया है। उन्होंने कहा, अमेरिका में उसी चीनी राजदूत ने ओबामा प्रशासन के दौरान विपक्षी रिपब्लिकन नेताओं से मुलाकात की थी। क्या विपक्षी नेता व्यापार, निवेश और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण देशों के राजनयिकों से मिलने के हकदार नहीं हैं?
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