Home Breaking News Ukraine-Russia War: ऐतिहासिक गुफाओं वाले शहर में दिख रहे रूस की तबाही के निशान, धरती का नरक बना गुलजार ‘बखमुत’

Ukraine-Russia War: ऐतिहासिक गुफाओं वाले शहर में दिख रहे रूस की तबाही के निशान, धरती का नरक बना गुलजार ‘बखमुत’

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Ukraine-Russia War: ऐतिहासिक गुफाओं वाले शहर में दिख रहे रूस की तबाही के निशान, धरती का नरक बना गुलजार ‘बखमुत’

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रूस-यूक्रेन युद्ध

रूस-यूक्रेन युद्ध
– फोटो : EPA

विस्तार

यूक्रेन पर रूसी हमले को एक साल होने जा रहा है लेकिन अब तक इसके रुकने के आसार नहीं हैं। इस बीच दोनेस्क क्षेत्र पर शुरू से ही रूस कब्जे को लेकर आगे बढ़ता रहा है। यहां पर्यटन के लिहाज से पूरी दुनिया में मशहूर बखमुत शहर को इस युद्ध की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। एक वर्ष पहले तक पर्यटकों से गुलजार रहने वाला यह शहर अब सुनसान दिखाई पड़ता है। अब यह धरती का नरक बन चुका है।

बता दें कि बखमुत में लेकसाइड पार्क के आसपास टहलते हुए पर्यटकों को 19वीं सदी के आखिरी समय की इमारतें आकर्षित किया करती थीं। साथ ही इस शहर में बनीं ऐतिहासिक गुफाएं भी खासा आकर्षण का केंद्र हुआ करती थीं। लेकिन रूस के साथ जारी युद्ध के कारण शहर में तबाही के स्पष्ट निशान देखे जा सकते हैं। 

रूसी सीमा से करीब 100 किलोमीटर दूर नमक और जिप्सम की खदानों वाला यह शहर कभी पूर्वी यूक्रेन के डोनेस्क प्रांत का लोकप्रिय पर्यटन स्थल हुआ करता था। भारी बमबारी के बावजूद रूसी सैन्य बल इस शहर को अपने नियंत्रण में नहीं ले सके, लेकिन लगातार हमलों के चलते स्थानीय नागरिकों को विस्थापित होने को मजबूर होना पड़ा। 

यूक्रेनी सैनिक पेट्रो वोलोसेंको ने कहा, अब यह शहर धरती का नरक बन चुका है। यह शहर धीरे-धीरे लगभग तबाह हो गया और इमारतें वीरान पड़ी हैं तथा घरों के खिड़की-दरवाजे और छत क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 

रोशनी तक नहीं देख पा रहे जीवित लोग

यूक्रेनी सैन्य अधिकारी पेट्रो वोलोसेंको ने बताया कि युद्ध से पहले बखमुत शहर की आबादी लगभग 80,000 थी जबकि वर्तमान में यहां कुछ हजार लोग ही बचे हैं। उन्होंने बताया कि जीवित बचे हुए लोग भी बमुश्किल ही रोशनी देख पाते हैं क्योंकि वे भी सुरक्षा के लिहाज से सुरंगों में छिपे रहने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि शहर में अब भी धमाकों की गूंज सुनी जा सकती है। 24 फरवरी को रूस-यूक्रेन युद्ध का एक साल पूरा हो जाएगा। लेकिन हालात जस के तस हैं।

अग्रिम मोर्चे में योद्धा बनीं यूक्रेनी महिलाएं

क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन के क्षेत्रों पर 2014 में रूसी कब्जे की शुरूआत के बाद से यूक्रेन की सेना में हजारों महिलाएं स्वेच्छा से शामिल हुई हैं। नौ वर्ष में पिछले एक साल के दौरान यूक्रेन की सेना में शामिल होने वाली महिलाओं की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है। रूस के पूरी ताकत से यूक्रेन हमला करने के बाद यूक्रेनी सेना में शामिल होने के लिए महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। 

यूक्रेन के उप रक्षा मंत्री हन्ना मलियार ने बताया कि 2022 की गर्मियों तक 50 हजार से अधिक महिलाओं को सेना में विभिन्न भूमिकाओं में लिया गया है, इनमें से करीब 38 हजार महिलायें वर्दीधारी हैं, जो अब अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं में भी शामिल हैं। 

रूसी सेना का ध्यान पूर्वी यूक्रेन पर, नए सिरे से हमले की आशंका

रूस, यूक्रेन के लुहांस्क क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है। यूक्रेन इसे आने वाले सप्ताहों में रूस का हमला शुरू होने के एक साल पूरा होने के मौके पर पूर्वी क्षेत्र में हमले की तैयारी के रूप में देख रहा है। लुहांस्क के गवर्नर सेरही हैदई ने कहा कि रूसी सेना अपने कब्जे वाले हिस्सों के पास घरों से स्थानीय लोगों को निकाल रही है ताकि वे यूक्रेन के आयुध भंडारों में रूसी सैनिकों की तैनाती के बारे में सूचना नहीं दे सकें। उन्होंने कहा, इस क्षेत्र में रूसी सैनिकों को सक्रियता के साथ भेजा जा रहा है और वे निश्चित रूप से फरवरी में पूर्वी भाग में किसी बड़ी तैयारी के साथ जा रहे हैं।

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