Home Sports बुंदेलखंड की बेटी का भारत को गोल्ड दिलाने का जुनून, पावरलिफ्टिंग छोड़ शुरू की वेटलिफ्टिंग

बुंदेलखंड की बेटी का भारत को गोल्ड दिलाने का जुनून, पावरलिफ्टिंग छोड़ शुरू की वेटलिफ्टिंग

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बुंदेलखंड की बेटी का भारत को गोल्ड दिलाने का जुनून, पावरलिफ्टिंग छोड़ शुरू की वेटलिफ्टिंग

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रिपोर्ट- शाश्वत सिंह, झांसी
झांसी.
 बुंदेलखंड की बेटी मुस्कान खान अब ओलंपिक्स की तैयारी कर रही हैं. पावर लिफ्टिंग में दुनिया का सबसे ऊंचा मुकाम हासिल कर लेने के बाद अब मुस्कान वेटलिफ्टिंग की दुनिया में प्रवेश कर चुकी हैं. शिवपुरी में रहने वाली मुस्कान खान का झांसी से खास नाता है. झांसी आई गोल्डन ग्लोब मुस्कान खान ने न्यूज 18 लोकल से खास बातचीत में अपनी पावर लिफ्टिंग से वेटलिफ्टिंग की तरफ जाने की पूरी कहानी साझा की ओर आगे की योजना बताई.

मुस्कान ने बताया कि उनके पिता भी खिलाड़ी थे. उन्होंने शुरुआत हैंडबॉल से की, लेकिन टीम स्पोर्ट्स में कुछ खास सफलता हाथ नहीं लगी. इसके बाद उन्होंने पावर लिफ्टिंग की करने का निर्णय लिया. शुरुआत में रिश्तेदारों और दोस्तों ने इस फैसले पर कई सवाल उठाए. मुस्कान को हतोत्साहित करने की कई कोशिशें हुईं. लेकिन, अपने पिता के समर्थन और मार्गदर्शन से उन्होंने प्रैक्टिस जारी रखीं. पहले कोई कोच ना होने की वजह से वह यूट्यूब से वीडियो देखकर प्रैक्टिस करती थीं. लॉकडाउन के दौरान वह अपने पिता की देखरेख में ही प्रैक्टिस करती रहीं. नवंबर 2022 में कॉमनवेल्थ पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 4 गोल्ड मेडल अपने नाम किए. इस कामयाबी से मुस्कान को गोल्डन गर्ल के नाम से पुकारे जाने लगा.

ओलम्पिक में भारत को दिलाना है गोल्ड
मुस्कान ने कहा कि पावर लिफ्टिंग में यह सबसे ऊंचा मुकाम है. इसके बाद वह ओलंपिक्स में जाना चाहती हैं. लेकिन, ओलंपिक में पावर लिफ्टिंग गेम नहीं है. इसलिए, अब वेटलिफ्टिंग की तरफ शिफ्ट कर रही हैं. उन्होंने कहा कि वेटलिफ्टिंग में वह भारत को गोल्ड मेडल दिलाना चाहती हैं. मुस्कान ने बताया कि पावर लिफ्टिंग में 3 इवेंट होते हैं डेडलिफ्ट, स्क्वाट और बेंच प्रेस. वहीं, वेटलिफ्टिंग में दो इवेंट होते हैं स्नैच और क्लीनीजर. मुस्कान ने कहा कि उनकी प्रैक्टिस निरंतर जारी है

Tags: Weightlifting

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